

बनेकेला तालाब की ताबड़तोड़ सफाई! सरपंच खुशबू पैंकरा की पहल से चमका गांव

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
बनेकेला। ग्राम बनेकेला में वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाब की आखिरकार ताबड़तोड़ सफाई करवा दी गई है। गांव के प्रमुख जलस्रोत माने जाने वाले इस तालाब में गंदगी, झाड़-झंखाड़ और गाद की मोटी परत जम चुकी थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरपंच खुशबू पैंकरा की पहल पर तालाब की व्यापक सफाई अभियान चलाकर इसे नया रूप दे दिया गया है।
ग्रामीणों की लंबे समय से मांग थी कि तालाब की सफाई करवाई जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण भी बना रहे। बरसात के मौसम में यही तालाब गांव के जलस्तर को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन गंदगी के कारण इसकी उपयोगिता घटती जा रही थी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सरपंच खुशबू पैंकरा ने पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर तत्काल सफाई कार्य शुरू करवाया।
सफाई अभियान के तहत मजदूरों की मदद से तालाब में जमी गाद निकाली गई, किनारों की झाड़ियां हटाई गईं और आसपास फैली गंदगी को साफ किया गया। इस कार्य से न केवल तालाब की गहराई बढ़ी है, बल्कि जल संचयन क्षमता भी पहले से अधिक हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तालाब का पानी साफ नजर आ रहा है और पशुओं व खेतों के लिए भी उपयोगी होगा।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि पहले यह तालाब गांव की शान हुआ करता था, लेकिन देखरेख के अभाव में इसकी हालत खराब हो गई थी। अब सफाई के बाद तालाब फिर से आकर्षक और उपयोगी दिखने लगा है। कई ग्रामीणों ने सरपंच के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह विकास कार्य होते रहे तो गांव की तस्वीर बदल जाएगी।
सरपंच खुशबू पैंकरा ने बताया कि ग्राम विकास और स्वच्छता उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि तालाब केवल जल स्रोत नहीं बल्कि गांव की धरोहर है, जिसकी सुरक्षा और संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है। आगे भी पंचायत द्वारा नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाएगी।
तालाब की इस ताबड़तोड़ सफाई से पूरे बनेकेला गांव में खुशी का माहौल है और लोग इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।







