


लैलूंगा नाली निर्माण पर वार्डवासियों का हंगामा! वार्ड क्रमांक 10 में काम रुकवाने दिया गया आवेदन
लैलूंगा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 10 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर वार्डवासियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। आक्रोशित नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत लैलूंगा (जिला रायगढ़) को आवेदन सौंपकर तत्काल कार्य बंद कराने की मांग की है। वार्ड में इस मुद्दे को लेकर माहौल गर्म हो गया है और लोग इसे शासन के पैसे की बर्बादी बता रहे हैं।
“जिस नाली की जरूरत ही नहीं, वो क्यों बन रही?”
वार्डवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर नाली निर्माण किया जा रहा है, वहां इसकी कोई विशेष आवश्यकता नहीं है। उनका दावा है कि वहां महज दो घरों का ही पानी निकलता है, जबकि अधिकांश घरों का पानी प्रस्तावित नाली से जुड़ा ही नहीं है। ऐसे में गहरी और चौड़ी नाली बनवाना पूरी तरह अनावश्यक है।
निवासियों का आरोप है कि बिना वार्डवासियों की राय लिए ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया। उनका कहना है कि अगर विकास कार्यों की योजना बनाने से पहले स्थानीय लोगों से सलाह ली जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
नल-जल योजना पर भी मंडरा रहा खतरा
सबसे गंभीर चिंता नल-जल योजना को लेकर जताई गई है। वार्डवासियों के अनुसार, पहले से बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन इस नाली निर्माण के बीच में आ रही है। ऐसे में आशंका है कि भविष्य में नाली का गंदा पानी साफ पेयजल लाइन के संपर्क में आ सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
लोगों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सड़क के बीच खुदाई, धंसने का डर
वार्डवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नाली की खुदाई सड़क के बीचों-बीच की गई है। इस मार्ग से प्रतिदिन मालवाहक वाहन और भारी गाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में ढलाई धंसने और सड़क क्षतिग्रस्त होने की पूरी संभावना है। इससे भविष्य में दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि सड़क कमजोर पड़ी तो शासन को दोबारा मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
काम बंद कराने की मांग
वार्डवासियों ने संयुक्त रूप से आवेदन देकर मांग की है कि नाली निर्माण का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए और सड़क को पूर्ववत स्थिति में बहाल किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी है कि भविष्य में वार्ड में होने वाले किसी भी विकास कार्य की रूपरेखा तैयार करते समय स्थानीय नागरिकों से अनिवार्य रूप से सलाह ली जाए।
लोगों का स्पष्ट कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना आवश्यकता और बिना जनसहमति के किए जा रहे कार्य का विरोध जरूर करेंगे।
अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है। फिलहाल वार्ड क्रमांक 10 में नाली निर्माण को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।








