दुर्ग। दुर्ग जिले की छावनी थाना पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7 लाख रुपए ठगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के रीवा में छिपे हुए थे। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया और भिलाई ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली।
पीड़ित सरोज पटेल (43), प्रगति नगर कैंप-1 भिलाई की निवासी, ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पायल पांडे और सिद्धुमन उर्फ लाल पांडे ने उनके बेटे पीयूष को रेलवे में पक्की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
आरोपियों ने दावा किया कि उनके रेलवे विभाग में अच्छे संपर्क हैं और वे नौकरी लगवा देंगे। पीड़ित परिवार ने भरोसा करके अलग-अलग समय पर कुल 7 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए।
समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी और जब पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू किया और फिर संपर्क ही बंद कर दिया, तो परिवार ने पुलिस में शिकायत की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच में पता चला कि दोनों आरोपी रीवा में छिपे हुए हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम रीवा पहुंची और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। तलाशी में नगद और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने पहले भी नौकरी के नाम पर ठगी की है या नहीं।
यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं, तो नई धाराएं आरोपियों पर लागू की जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है और मामले की जांच जारी है। इस मामले ने नौकरी के नाम पर ठगी और फर्जी आश्वासनों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।







