
रायगढ़ 07 जून। पेलमा में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जंगल कटाई और ग्रामीणों के विस्थापन का मुद्दा गरमा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना के कारण बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होगा और कई गाँवों के उजड़ने का खतरा पैदा हो सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर एनएसयूआई के ब्लॉक अध्यक्ष रोशन साहू ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। रोशन साहू ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर ग्रामीणों, किसानों और आदिवासी समुदायों की आवाज़ को अनदेखा कर रही है। उनका कहना है कि यदि परियोजना से जंगलों की कटाई होती है और लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ते हैं, तो इसका विरोध किया जाएगा।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी चिंताएँ सामने रखीं और पर्यावरण के साथ-साथ आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। वहीं प्रशासन और संबंधित पक्षों का कहना है कि सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जनसुनवाई के बाद इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है और ग्रामीणों की मांगों पर सरकार किस तरह प्रतिक्रिया देती है।
“पेलमा की जनसुनवाई में जंगल कटाई का मुद्दा गरमा गया। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि परियोजना के चलते कई गाँव उजड़ सकते हैं। एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष रोशन साहू ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि विकास के नाम पर ग्रामीणों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जमकर विरोध दर्ज कराया।”








