WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.36
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37 (1)
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37 (2)

विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों का समाधान संवाद, पारदर्शिता एवं संस्थागत सुधारों से हो; हिंसक टकराव दुर्भाग्यपूर्ण : अभाविप

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं संस्थागत सुधार सुनिश्चित करने हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करे भारत सरकार : अभाविप

WhatsApp Image 2026-08-09 at 17.42.03
WhatsApp Image 2026-08-09 at 17.42.04
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37


संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ एवं राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों का माध्यम नहीं बनेगा विद्यार्थी: अभाविप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न शिक्षा संबंधी विषयों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न अराजकता, विद्यार्थी होने का दावा करने वाले कुछ अराजकतत्वों एवं सुरक्षाबलों के बीच हुए हिंसक टकराव तथा राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाओं को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मानती है। अभाविप का मानना है कि विद्यार्थियों के न्यायोचित आंदोलन की आड़ में कुछ राजनीतिक स्वार्थों एवं समाजविरोधी तत्वों ने अराजकता एवं हिंसा फैलाने का प्रयास किया है, जिसकी अभाविप घोर निंदा करती है। इन परिस्थितियों में चोटिल हुए विद्यार्थियों एवं सुरक्षाकर्मियों के प्रति अभाविप अपनी संवेदना व्यक्त करती है तथा अपेक्षा करती है कि भविष्य में ऐसे टकरावों की पुनरावृत्ति न हो। अभाविप का मानना है कि विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों का समाधान केवल सार्थक संवाद, संवेदनशीलता एवं संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

अभाविप स्पष्ट करना चाहती है कि नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के विरुद्ध वह प्रारंभ से ही विद्यार्थियों के साथ खड़ी रही है। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभाविप ने सर्वप्रथम केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की मांग उठाई थी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की थी। वर्ष 2024 से लेकर आज तक अभाविप लगातार नीट-यूजी विषय पर विद्यार्थियों के हित में संघर्षरत है। अतः, अभाविप भारत सरकार से मांग करती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता एवं आवश्यक संस्थागत सुधारों के विभिन्न आयामों की गहन समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए, जो परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय एवं जवाबदेह बनाने के लिए ठोस एवं समयबद्ध सुझाव प्रस्तुत करे।

अभाविप का मानना है कि विद्यार्थियों की स्वाभाविक समस्याओं एवं न्यायोचित मांगों का उपयोग किसी संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ, देशविरोधी एजेंडे अथवा देश में अस्थिरता, टकराव एवं अराजकता का वातावरण निर्मित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे कुप्रयास ‘डीप स्टेट’ जैसे भारत-विरोधी तंत्रों को बल प्रदान करते हैं, जो लंबे समय से भारत की आंतरिक स्थिरता, अखंडता, संप्रभुता एवं एकता को कमजोर करने तथा सामाजिक वैमनस्य का वातावरण निर्मित करने का अवसर ढूंढ रहे है। भारत का विद्यार्थी समुदाय जागरूक, राष्ट्रनिष्ठ एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर इतना प्रतिबद्ध है कि वह स्वयं को किसी भी राजनीतिक दिग्भ्रम, बाहरी प्रभाव अथवा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र का माध्यम नहीं बनने देगा। अभाविप विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षाविदों तथा समाज के सभी हितधारकों से अपील करती है कि वे विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों को राजनीतिक दिग्भ्रम तथा उकसावे से दूर रखते हुए उनके समाधान के लिए सकारात्मक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं तथा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों का शिकार न बनें।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने देश के लाखों विद्यार्थियों की चिंताओं को बढ़ाया है। इन न्यायोचित विषयों पर अभाविप प्रारंभ से ही विद्यार्थियों के साथ खड़ी रही है। विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों को संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों की दिशा में मोड़ने का प्रत्येक प्रयास विद्यार्थी हितों के साथ अन्याय है। छात्रशक्ति का उपयोग किसी राजनीतिक एजेंडे अथवा भारत की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता के विरुद्ध कार्य करने वाली शक्तियों के हितों की पूर्ति के लिए नहीं होने दिया जा सकता। ऐसे कुप्रयास ‘डीप स्टेट’ जैसे भारत-विरोधी तंत्रों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बल प्रदान करते हैं, जो लंबे समय से भारत की आंतरिक स्थिरता एवं संप्रभुता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों का समाधान केवल सार्थक संवाद, संवेदनशीलता एवं संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अभाविप भारत सरकार से मांग करती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता एवं आवश्यक संस्थागत सुधारों की समग्र समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए, जिससे परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वनीय एवं जवाबदेह बनाया जा सके।”

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

रायगढ़ में भगवान सहस्रबाहु की भव्य प्रतिमा का अनावरण, शिक्षा और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर हुआ मंथन

स्वास्थ्य और वित्त मंत्री ने किया प्रतिमा का अनावरण रायगढ़। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने...

CHHATTISGARH NEWS

रायगढ़ में भगवान सहस्रबाहु की भव्य प्रतिमा का अनावरण, शिक्षा और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर हुआ मंथन

स्वास्थ्य और वित्त मंत्री ने किया प्रतिमा का अनावरण रायगढ़। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने...

RAIGARH NEWS

रायगढ़ में भगवान सहस्रबाहु की भव्य प्रतिमा का अनावरण, शिक्षा और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर हुआ मंथन

स्वास्थ्य और वित्त मंत्री ने किया प्रतिमा का अनावरण रायगढ़। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने...