
जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन सभापति दीपक सिदार को रवि भगत ने सौंपा ज्ञापन, प्रत्येक छात्रा को बिल, वारंटी कार्ड और गुणवत्तापूर्ण साइकिल उपलब्ध कराने की उठाई मांग।
लैलूंगा/रायगढ़। छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े सरस्वती साइकिल योजना के मुद्दे को लेकर जननेता रवि भगत ने जिला पंचायत रायगढ़ के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन सभापति दीपक सिदार को ज्ञापन सौंपकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। उन्होंने आगामी साइकिल वितरण से पूर्व सभी साइकिलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, प्रत्येक छात्रा को बिल एवं वारंटी कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा गुणवत्ताहीन साइकिलें पाए जाने पर उनके वितरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्राओं की विद्यालय तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरस्वती साइकिल योजना संचालित की जा रही है। यह योजना निश्चित रूप से छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय एवं महत्वाकांक्षी पहल है। किंतु विगत वर्षों में योजना के अंतर्गत वितरित अनेक साइकिलों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिसके कारण छात्राओं को बार-बार साइकिल खराब होने, मरम्मत कराने और आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई है कि अधिकांश छात्राओं को साइकिल वितरण के समय उसका बिल, वारंटी कार्ड अथवा खरीद संबंधी अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। फलस्वरूप साइकिल चोरी होने, वारंटी का लाभ प्राप्त करने अथवा अन्य प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शासन की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है और लाभार्थी अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं।
रवि भगत ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार से आग्रह किया है कि वे शिक्षा समिति के पदेन सभापति होने के नाते इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आगामी साइकिल वितरण से पूर्व सभी साइकिलों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराएं। यदि साइकिलें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती हैं, तो छात्राओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उनके वितरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक छात्रा को साइकिल के साथ उसका मूल बिल, वारंटी कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि शासन की मंशा के अनुरूप छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्राप्त हों। किसी भी परिस्थिति में गुणवत्ताहीन साइकिलों का वितरण न केवल योजना की गरिमा को प्रभावित करेगा, बल्कि हजारों छात्राओं के अधिकारों के साथ भी अन्याय होगा।
रवि भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीति का नहीं, बल्कि हजारों छात्राओं के भविष्य, उनके अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि गुणवत्ताहीन साइकिलों के वितरण को नहीं रोका गया, तो वे छात्राओं के हित में वितरण करने वाले जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध में एफआईआर करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
“सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और उनके अधिकारों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना भी है। छात्राओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।”








