
सुदूर वनांचल लैलूंगा में आकार ले रहा एएनए कॉलेज और छात्रावास
आदिवासी बेटियों के लिए खुलेगा व्यावसायिक शिक्षा का नया द्वार
कलेक्टर ने प्रस्तावित कॉलेज, छात्रावास और अन्य जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया, उच्च गुणवत्ता के साथ सभी कार्य समय पर पूरा करने और प्रगति लाने के निर्देश दिए
जिला खनिज न्यास निधि से 191.12 लाख रुपए के कार्य स्वीकृत, जीर्णोद्धार और अधोसंरचना निर्माण प्रगति पर
कुंजारा ग्राम में प्रथम वर्ष 120 सीटों से होगी शुरुआत, चयनित छात्राओं को शिक्षा से रोजगार तक संपूर्ण सहयोग
मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि पर जिला प्रशासन का अमल, उत्खनन प्रभावित अंचल में ऐतिहासिक पहल

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
रायगढ़, 27 फरवरी 2026। रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल और सुंदर पहाड़ियों से घिरे आदिवासी बाहुल्य लैलूंगा विकासखंड के ग्राम कुंजारा में शीघ्र ही एएनएम कालेज और छात्रावास आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा यह महत्वाकांक्षी पहल की जा रही है, जो आदिवासी अंचल में व्यावसायिक शिक्षा की ऐतिहासिक शुरुआत साबित होगी।
राज्य स्तर की तकनीकी दल द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुंजरा स्थित एक शासकीय भवन को महाविद्यालय तथा एक अन्य भवन को छात्रावास के लिए उपयुक्त पाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा दोनों भवनों का महाविद्यालयीन मानकों के अनुरूप जीर्णोद्धार एवं आवश्यक संधारण कार्य जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से कराया जा रहा है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने ग्राम कुंजारा पहुंचकर जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
एएनएम महाविद्यालय भवन के भूतल के जीर्णोद्धार के लिए 32.97 लाख रुपए तथा प्रथम तल के लिए 46.58 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं संत गहिरा गुरु महाविद्यालय कन्या छात्रावास (100 सीटर) के भूतल के लिए 46.23 लाख रुपए तथा प्रथम तल के लिए 46.50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
छात्रावास में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग तीन किलोमीटर दूर से पाइपलाइन बिछाने एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 27 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ जैसे दुर्गम वनांचल क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बेटियों को अब संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से समझौता नहीं करना पड़ेगा। महाविद्यालय की स्थापना से उन्हें अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
महाविद्यालय का संचालन देश की प्रतिष्ठित संस्था पनआईआईटी पूर्व छात्र प्रतिष्ठान द्वारा किया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। प्रथम वर्ष में 120 सीटों के साथ शैक्षणिक सत्र प्रारंभ किया जाएगा। उपलब्ध शासकीय भवन का मानक अनुरूप जीर्णोद्धार कर अल्प समय में संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जा रही है।
उच्च क्वॉलिटी के साथ प्रयोग शाला, लाइब्रेरी की होगी सुविधाएं
कुंजारा स्थित प्रस्तावित एएनएम कालेज में तकनीकी शिक्षा की मानक के अनुरूप आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, उच्च गुणवत्ता की शिक्षण सामग्री एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने योग्य बनाने के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रवेश के लिए विशेष चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली बारहवीं उत्तीर्ण प्रतिभाशाली छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
निशुल्क शिक्षा और शतप्रतिशत रोजगार की गारंटी
चयनित छात्राओं को अध्ययन अवधि के दौरान शिक्षा, पुस्तकें, आवास, भोजन एवं आवागमन की संपूर्ण व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
दो वर्षीय अध्ययन पूर्ण होने के के बाद छात्राओं को नियोजन व्यवस्था के माध्यम से शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। उन्हें राज्य, जिला एवं देश के प्रतिष्ठित चिकित्सीय संस्थानों और अस्पतालों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों तथा अन्य शासकीय एवं अशासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए सक्षम बन सकेंगी। निरीक्षण के दौरान दौरान एसडीएम लैलूंगा श्री भरत कौशिक, सीईओ जनपद पंचायत लैलूंगा श्रीमती प्रीति नायडू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।







