रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में शनिवार को ‘राज्य स्तरीय बिहान लखपति दीदी सम्मेलन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) शामिल हुए और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों से संवाद किया। सम्मेलन में मातृशक्ति के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को देखकर मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया और सभी लखपति दीदियों को “जय बिहान” कहकर उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह, CM साय हुए शामिल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सफलता की प्रेरक कहानियां सुनीं और उनके संघर्ष व उपलब्धियों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने ‘छत्तीसकला’ आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ का शुभारंभ भी किया। इस पहल का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों को बेहतर पहचान दिलाना और उन्हें डिजिटल मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकें।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लखपति दीदियों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं मेहनत और संकल्प के बल पर नई सफलता की कहानियां लिख रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi की दूरदर्शी सोच और संकल्प के कारण देशभर में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आज देश में 3 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 8 लाख से अधिक महिलाएं अपने परिश्रम और मेहनत से आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार मातृशक्ति को सम्मान और समृद्धि के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को साकार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश के विकास को नई गति मिलती है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी उपलब्धियों और अनुभवों को साझा किया, जिससे अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। इस आयोजन ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।







