spot_img
Monday, March 9, 2026
Monday, March 9, 2026
WhatsApp Image 2025-09-27 at 19.02.00_2560a816
WhatsApp Image 2025-09-27 at 19.02.00_8a3c1831

TRN एनर्जी की राख ओवरलोडिंग और रफ्तार – डंपर नहीं, ‘यमराज’ के वाहन  .. प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

TRN एनर्जी की राख ओवरलोडिंग और रफ्तार – डंपर नहीं, ‘यमराज’ के वाहन  .. प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल


रायगढ – जिले में सड़क सुरक्षा के सरकारी दावे सिर्फ कागजों और फाइलों तक सिमट कर रह गए हैं। घरघोड़ा क्षेत्र में TRN एनर्जी पावर लिमिटेड से निकलने वाला हजारों टन फ्लाई ऐश (राख) आज आम जनता के लिए काल बन चुका है। नियमों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड डंपर न सिर्फ पर्यावरण को धुआं-धुआं कर रहे हैं, बल्कि राहगीरों की जिंदगी से भी सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।

ओवरलोडिंग और रफ्तार – डंपर नहीं, ‘यमराज’ के वाहन

घरघोड़ा क्षेत्र की सड़कों पर TRN प्लांट से निकलने वाले डंपर क्षमता से कई गुना अधिक वजन लेकर ‘फर्राटे’ भर रहे हैं। आलम यह है कि ओवरलोड होने के कारण ये डंपर सड़कों पर इस कदर लहराते हैं कि छोटे वाहन चालक और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए किनारे खड़े होने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये डंपर सड़क पर चलते हुए नहीं, बल्कि ‘हिलोरे’ मारते हुए मौत की तरह दिखाई देते हैं।

जहरीली धूल ने किया जीना हुआ मुहाल

सिर्फ एक्सीडेंट का खतरा ही नहीं, बल्कि मुनाफे के लालच में इन डंपरों से गिरने वाली राख ने पूरे क्षेत्र को ‘डस्ट ज़ोन’ बना दिया है।

उड़ती राख ने सीधे स्वस्थ पर हमला करते हुए लोगों की आंखों में जलन और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। वही सड़कों पर जमी राख की परत के कारण दोपहिया वाहन चालक रोजाना गिरकर घायल हो रहे हैं।

कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन आँखों में धूल झोंकने के लिए खराब तिरपाल लगाकर परिवहन कर पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

बड़ा सवाल: आखिर कार्रवाई से क्यों कतरा रहे जिम्मेदार?

हैरानी की बात यह है कि घरघोड़ा क्षेत्र में मौत का यह नंगा नाच प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और पर्यावरण विभाग की नाक के नीचे चल रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

क्या जिला प्रशासन किसी बड़े और भीषण सड़क हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या उद्योगपतियों का रसूख नियमों से ऊपर हो गया है? या फिर प्रशासन इन जैसे उधगो के सामने बेबस हो गया है।
बार-बार शिकायतों के बाद भी डंपरों की जब्ती और भारी जुर्माने की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ?


TRN एनर्जी और डंपर संचालकों की जुगलबंदी ने घरघोड़ा की सड़कों को असुरक्षित बना दिया है। यदि समय रहते इन ‘सफेद पाउडर’ ढोने वाले डंपरों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाले समय में इसकी भारी कीमत आम जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी ‘कुंभकर्णी नींद’ से कब जागता है।

01
09
WhatsApp Image 2025-09-29 at 18.52.16_7b78a71e
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला, कार्यकर्ता-सहायिका नदारद! बच्चों का हक छीनकर निजी काम में व्यस्त कर्मचारी

आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला, कार्यकर्ता-सहायिका नदारद! बच्चों का हक छीनकर निजी काम में व्यस्त कर्मचारीलैलूंगा। मुकडेगा सेक्टर के ग्राम सोनाजोरी के बथान पारा आंगनबाड़ी...
Latest
आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला, कार्यकर्ता-सहायिका नदारद! बच्चों का हक छीनकर निजी काम ... राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक, उप मुख्यमंत्री विजय शर... TRN एनर्जी की राख ओवरलोडिंग और रफ्तार - डंपर नहीं, 'यमराज' के वाहन  .. प्रश... CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में तापमान सामान्य से ऊपर, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ग... India vs New Zealand T20 Final: भारत बना टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन! फाइनल म... पूंजीपथरा पुलिस ने अवैध कबाड परिवहन में लगी 6 ट्रक और 1 माजदा वाहन जप्त कर आरोपि... वाह! क्या बात है! ✨ श्री श्याम ऑटोमोबाइल्स लैलूंगा की तरफ से भी भारतीय टीम को हा... जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन : मुख्यम... महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी, अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने क...