स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क

हाइलाइट्स
- सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
- नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव
- दो डिप्टी सीएम के साथ फिलहाल 3 नेताओं के पास पूरा प्रशासन
- मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार, जल्द हो सकता है ऐलान
- पहली बैठक में भ्रष्टाचार पर सख्ती और तेज काम के निर्दे
सत्ता परिवर्तन का बड़ा दिन
बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह बड़ा बदलाव सामने आया है। खास बात यह रही कि पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई चेहरा राज्य का मुख्यमंत्री बना है। उनके साथ जेडीयू खेमे से दो नेताओं ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली, जिससे सत्ता का संतुलन बनाए रखने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
तीन नेताओं के पास पूरा प्रशासन
मंत्रिमंडल के विस्तार में देरी के चलते फिलहाल राज्य की पूरी जिम्मेदारी तीन नेताओं पर ही आ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 29 विभागों की कमान सौंपी गई है, जिनमें गृह, स्वास्थ्य, राजस्व, नगर विकास जैसे अहम विभाग शामिल हैं। वहीं डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को 10 विभाग और बिजेंद्र यादव को 8 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। जब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होता, तब तक यही तीन नेता पूरे प्रशासनिक फैसले लेंगे और विभागों से जुड़े आदेश जारी करेंगे।
विभागों का बंटवारा और प्राथमिकताएं
विभागों के बंटवारे में संतुलन और अनुभव का ध्यान रखा गया है। विजय कुमार चौधरी को शिक्षा, जल संसाधन, ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं, जबकि बिजेंद्र यादव को वित्त, ऊर्जा और सामाजिक कल्याण जैसे विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार शुरुआती दौर में ही विकास और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने पर फोकस कर रही है
कार्यभार संभालते ही एक्शन मोड में सीएम
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी एक्शन में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों के साथ पहली बैठक कर साफ निर्देश दिए कि सभी चल रहे कार्यों को दोगुनी गति से पूरा किया जाए। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने, लंबित मामलों को जल्द निपटाने और आम जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान करने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार
नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में इसका ऐलान हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह देखना दिलचस्प होगा कि नई कैबिनेट में जेडीयू और बीजेपी के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाता है और किन विधायकों को मौका मिलता है।







