बिना डिग्री… बिना लाइसेंस… फिर भी खुलेआम इलाज!
लैलूंगा क्षेत्र में इन दिनों झोलाछाप फर्जी डॉक्टरों की भरमार देखने को मिल रही है। गांव-गांव में निजी क्लिनिक खोलकर भोले-भाले ग्रामीणों से मोटी रकम वसूली जा रही है। हालत यह है कि कई जगह बाकायदा बेड लगाकर मिनी अस्पताल जैसा सेटअप तैयार कर लिया गया है और मरीजों को खुलेआम सुई, इंजेक्शन और बॉटल चढ़ाई जा रही है।
इलाज” के नाम पर जान से खिलवाड़!
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई तथाकथित डॉक्टरों के पास न कोई मेडिकल डिग्री है और न ही स्वास्थ्य विभाग से अनुमति, इसके बावजूद धड़ल्ले से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बुखार, पेट दर्द से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज करने का दावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और अनपढ़ लोगों को झांसे में लेकर उनसे हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं। गलत दवा और गलत इंजेक्शन से मरीजों की हालत बिगड़ने की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
क्लिनिक के अंदर बेड, बाहर मरीजों की लाइन!
सूत्रों के अनुसार कई फर्जी क्लिनिकों में बेड लगाकर मरीजों को घंटों बॉटल चढ़ाई जा रही है। कुछ जगहों पर तो रातभर मरीजों को भर्ती रखने की भी चर्चा है। बिना किसी प्रशिक्षित स्टाफ के यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
इतना बड़ा खेल चलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन झोलाछाप डॉक्टरों को संरक्षण कौन दे रहा है?
“जल्द होंगे बड़े खुलासे!”
क्षेत्र में चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में कई झोलाछाप डॉक्टरों के नाम और उनके फर्जी क्लिनिकों का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
“फर्जी डॉक्टरों पर कब चलेगा बुलडोजर?”
लैलूंगा की जनता पूछ रही — इलाज मिलेगा या मौत का खतरा?








