



रायगढ़ से उठी आदिवासी एकता की आवाज, शासन को सौंपा जाएगा संयुक्त ज्ञापन
पेसा, वनाधिकार और आरक्षण संरक्षण की मांग को लेकर आदिवासी समाज का संयुक्त अभियान
आदिवासी हितों के मुद्दों पर संगठनों की ऐतिहासिक एकजुटता
अधिकार, भागीदारी और सम्मान के लिए आदिवासी समाज का सामूहिक संकल्प
“एकजुट आदिवासी समाज” के बैनर तले संयुक्त ज्ञापन कार्यक्रम
आदिवासी अस्मिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु रायगढ़ में संयुक्त पहल
ग्राम सभा से शासन तक: आदिवासी समाज की प्रमुख मांगों पर संयुक्त ज्ञापन
जय आदिवासी एकता: समाज के अधिकारों के लिए रायगढ़ में ऐतिहासिक ज्ञापन सौंपा जाएगा
दिनांक 22 जून 2026 को हम सभी अम्बेडकर चौक, रायगढ़ जिला कलेक्ट्रेट, छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण उद्देश्य के साथ एकत्रित होंगे। दिनांक 21 जून 2026 को रायगढ़ में आयोजित आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों एवं संयुक्त सहमति पत्र के आधार पर तैयार संयुक्त ज्ञापन को महामहिम राष्ट्रपति महोदया, महामहिम राज्यपाल महोदय, माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम सौंपा जाएगा।
यह ज्ञापन केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सामूहिक आवाज, संवैधानिक अधिकारों, अस्मिता, और सम्मानजनक भागीदारी की मांग का प्रतीक है।
हमारी प्रमुख मांगें हैं—
• स्थानीय भर्ती, आरक्षण एवं जनगणना में न्यायपूर्ण भागीदारी
• निजीकरण का विरोध एवं सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा
• जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा
• भू-माफिया नियंत्रण कानून का निर्माण
• आदिवासी धर्म कोड की मान्यता
• परिसीमन में आदिवासी हितों की रक्षा
• ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति सुनिश्चित करना
• उद्योग, व्यापार एवं खनन में स्थानीय आदिवासियों की हिस्सेदारी
• नक्सल प्रभावित निर्दोष बंदियों की रिहाई
• डीलिस्टिंग का विरोध
• आस्था केन्द्रों एवं देवगुड़ियों का संरक्षण
• पेसा एवं वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन
• आदिवासी शिक्षा, मातृभाषा एवं पाँचवीं अनुसूची का संरक्षण
हम सभी साथियों से अनुरोध करते हैं कि अनुशासन, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं तथा अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएं।
आइए, एक स्वर में संकल्प लें—
“जल, जंगल, जमीन हमारा अधिकार है!”
“ग्राम सभा सर्वोपरि है!”
“आदिवासी अस्मिता का सम्मान हो!”
“संविधान प्रदत्त अधिकारों का पूर्ण क्रियान्वयन हो!”
इन्हीं नारों और संकल्पों के साथ हम अपने संयुक्त ज्ञापन को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ते हैं।
एकजुट आदिवासी समाज — अधिकार, अस्मिता, और भागीदारी के लिए संघर्षरत।
सेवा जोहार! जय सेवा! जय आदिवासी एकता!









