महतारी वंदन से मिला आर्थिक संबल, राशी ने खरीदी सिलाई मशीन और संवारी आत्मनिर्भरता की राह

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नियमित आर्थिक सहायता को बचाकर पूरा किया अपना सपना, अब सिलाई मशीन बनी आय और आत्मविश्वास का सहारा

रायगढ़, 10 अगस्त 2026/ कभी अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली रायगढ़ की राशी कँवर के हाथों में अब हुनर के साथ आत्मनिर्भरता का साधन भी है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने खर्च करने के बजाय नियमित रूप से बचाया और इसी बचत से सिलाई मशीन खरीदी। आज यही सिलाई मशीन उनके लिए केवल घरेलू उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने और जीवन-यापन को आसान बनाने का माध्यम बन गई है।

राशि इकट्ठा करके सिलाई मशीन खरीदी

राशी कँवर अपने अनुभव को साझा करते हुए कहती हैं, मुझे महतारी वंदन योजना की किस्त प्राप्त हुई। मैंने इस पैसे को इकट्ठा करके एक सिलाई मशीन खरीदी है। इससे मेरा जीवन-यापन और भी सरल हो गया है। अब मैं अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हूं। इस योजना से महिलाओं को आगे बढ़ने और सशक्त बनने का प्रोत्साहन मिल रहा है। राशी ने इस राशि को केवल खर्च करने के बजाय बचत में बदला और बचत को आजीविका के साधन में परिवर्तित कर दिया।

सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता का साधन

महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता का उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। रायगढ़ की राशी कँवर ने इस सहायता का उपयोग अपनी आवश्यकता के अनुरूप करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बना दिया। सिलाई मशीन मिलने के बाद उनके पास घर से ही काम करने और अपनी आय का साधन विकसित करने का अवसर उपलब्ध हुआ है। राशी की तरह अनेक महिलाएं योजना से प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य आवश्यकताओं में कर रही हैं। वहीं कुछ महिलाएं इसे बचत अथवा छोटे-छोटे आजीविका साधनों में लगाकर अपने लिए आय के अवसर तैयार कर रही हैं। इससे महिलाओं की परिवार के आर्थिक निर्णयों में भागीदारी और आत्मविश्वास को भी मजबूती मिल रही है। राशी कँवर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।

30 किस्तों की निरंतरता ने दिया भरोसे का आधार

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की 30वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 माताओं-बहनों के खातों में 630.55 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इसमें रायगढ़ जिले की पात्र महिलाएं भी शामिल हैं। लगातार मिल रही आर्थिक सहायता ने महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार राशि के उपयोग और बचत की सुविधा दी है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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