
अजय कुमार
प्रतापपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में नियम-कानून को ठेंगा दिखाकर किराना और जनरल स्टोर की दुकानों में खुलेआम अवैध रूप से पेट्रोल बेचा जा रहा है। गांव-गांव में बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल रखकर करीब 140 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जबकि यह न केवल आम लोगों की जेब पर सीधा डाका है, बल्कि कभी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर संबंधित विभाग और पुलिस की नजर इस अवैध कारोबार पर क्यों नहीं पड़ती? क्षेत्र में कई जगह आग लगने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बिना सुरक्षा मानकों और बिना किसी वैध अनुमति के ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण और बिक्री लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
यहीं नहीं, प्रतापपुर क्षेत्र की कई किराना दुकानों में पैकेट पर अंकित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। रोजमर्रा की सामग्री पर मनमानी कीमत लेकर उपभोक्ताओं का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। ग्रामीण मजबूरी में अधिक दाम चुकाने को विवश हैं।
अब सवाल प्रशासन से है—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? आखिर कब खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करेंगे?
क्षेत्र के ग्रामीण जिला प्रशासन, कलेक्टर सूरजपुर और पुलिस अधीक्षक से मांग करता है कि प्रतापपुर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध पेट्रोल बिक्री और एमआरपी से अधिक वसूली करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सुरक्षा और अधिकार दोनों सुरक्षित रह सकें।








