गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने का असर शिवरीनारायण तक
जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया, जिसका सीधा प्रभाव शिवरीनारायण इलाके में देखने को मिल रहा है। नदी का पानी अब कई प्रमुख मार्गों और रिहायशी बस्तियों तक पहुंच चुका है।
शबरी सेतु के ऊपर से बह रहा 6 फीट पानी
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिवरीनारायण का शबरी सेतु पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और पुल की सतह से करीब 6 फीट ऊपर पानी बह रहा है। इससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मेला ग्राउंड, चौपाटी और बिलासपुर रोड तक फैला पानी
बाढ़ का पानी अब शहर के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगा है। मेला ग्राउंड और चौपाटी क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जबकि बिलासपुर रोड सहित कुछ मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में भी पानी घुसने लगा है, जिससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
वार्ड नंबर-1 के निवासियों को राहत शिविर में शिफ्ट किया गया
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए वार्ड नंबर-1 के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां उनके लिए भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सड़क मार्ग बंद, नाव बना आवागमन का सहारा
कई इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने के कारण स्थानीय लोग अब नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं।
प्रशासन-पुलिस अलर्ट मोड पर, लोगों से सुरक्षित रहने की अपील
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी जा रही है, साथ ही जलस्तर और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।






