पुलिस कार्यालय में आयोजित हुआ सेवा सम्मान समारोह, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई देकर दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
रायगढ़, 30 सितंबर 2026। जिला पुलिस रायगढ़ में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने के बाद सहायक उप निरीक्षक बलराम प्रसाद शुक्ला और रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक ख्रिस्तोफर बेक बुधवार को सेवानिवृत्त हुए। दोनों पुलिसकर्मियों के सम्मान में पुलिस कार्यालय में सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी और स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

1983 में पुलिस सेवा से जुड़े बलराम प्रसाद शुक्ला
कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने सहायक उप निरीक्षक बलराम प्रसाद शुक्ला के सेवाकाल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शुक्ला वर्ष 1983 में जिला बस्तर में आरक्षक के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर और जांजगीर जिलों में भी अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2022 में स्थानांतरण के बाद वे रायगढ़ पहुंचे।
रायगढ़ में उन्होंने पुलिस लाइन की जिम्मेदारियों के साथ-साथ बिलासपुर हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में भी ड्यूटी की। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन किया।

1988 में पुलिस सेवा में आए ख्रिस्तोफर बेक
रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक ख्रिस्तोफर बेक वर्ष 1988 में मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। पुलिस विभाग में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने आर्म्स शाखा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। हथियारों से संबंधित कार्यों में उनकी विशेष दक्षता रही।
इसके अलावा उन्हें वीआईपी सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटियों में भी जिम्मेदारियां सौंपी जाती रहीं। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने उनके सेवाकाल का उल्लेख करते हुए उन्हें अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी बताया।
परिवार की मौजूदगी में भावुक हुआ माहौल
सेवा सम्मान समारोह में ख्रिस्तोफर बेक की पत्नी और परिवारजन भी मौजूद रहे। सेवाकाल के अनुभव साझा करते समय बेक और उनके परिवारजन भावुक हो गए। लंबे समय तक पुलिस विभाग में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्ति के मौके पर अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके योगदान को याद किया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी पुलिस परिवार से जुड़े रहने का संदेश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने विभाग की ओर से दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने पुलिस विभाग में लंबे समय तक सेवाएं देते हुए उन्हें सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन की एक नई पारी की शुरुआत है, जिसमें दोनों अपने परिवार को अधिक समय दे सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग उनके लिए पहले भी परिवार रहा है और सेवानिवृत्ति के बाद भी पुलिस परिवार उनके साथ रहेगा। किसी भी आवश्यकता के समय वे विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
एएसपी ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों से यह अपेक्षा भी जताई कि वे समाज के बीच रहते हुए पुलिस से जुड़े मुद्दों और जनसमस्याओं को विभाग के संज्ञान में लाते रहें, जिससे बेहतर पुलिसिंग और आवश्यक सुधार की दिशा में कार्य किया जा सके।
स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के अंत में दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को स्मृति चिह्न एवं अन्य सम्मान सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी राहुल उईके, डीएसपी शिखर मरावी सहित पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।






