सियान, नौनिहाल छात्रवृत्ति और महतारी जतन योजना से हितग्राहियों को मिली आर्थिक मदद, जरूरत के समय योजनाएं बनीं सहारा
रायगढ़, 30 सितंबर 2026। शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने पर मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक सहारा मिल रहा है। रायगढ़ जिले में श्रमिक परिवारों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़ी हितग्राहियों की कहानियां सामने आई हैं, जहां किसी को बीमारी के इलाज में मदद मिली तो किसी के बच्चों की पढ़ाई और लालन-पालन की जरूरतें पूरी करने में आर्थिक सहायता उपयोगी साबित हुई।
इलाज के लिए मिली 20 हजार रुपये की सहायता
रायगढ़ के अमलीभौना निवासी सम्मेमती सिदार ने बताया कि उन्हें सियान योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने इस राशि का उपयोग तबीयत खराब होने पर अपने उपचार के लिए किया। सम्मेमती के अनुसार, आर्थिक सहायता मिलने से इलाज के दौरान उन्हें काफी राहत मिली और खर्च का बोझ कम हुआ।
बच्चों की पढ़ाई में नौनिहाल छात्रवृत्ति बनी सहारा
खरसिया निवासी विमला राजपूत ने बताया कि उनके दोनों बच्चों को नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला है। छात्रवृत्ति मिलने से बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में परिवार को आर्थिक सहायता मिली है।
बच्चे के लालन-पालन के लिए मिली मदद
रैरूमा झरियापारा निवासी उर्मिला साहू ने बताया कि उन्हें महतारी योजना के तहत बच्चे के लालन-पालन के लिए 20 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। उनके अनुसार, यह राशि बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी रही और परिवार को आर्थिक संबल मिला।
पोषण और देखभाल में मददगार बनी महतारी जतन योजना
वहीं धरमजयगढ़ निवासी नसरीन परवीन ने बताया कि श्रम विभाग में पंजीयन कराने के बाद उन्हें महतारी जतन योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने कहा कि यह राशि उनके और बच्चे के समुचित पोषण, देखभाल और लालन-पालन में काफी मददगार साबित हुई।
पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग भी दिया जा रहा है।
श्रम विभाग के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को अपनी आवश्यक जिम्मेदारियां पूरी करने में मदद मिल रही है।






