पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सुजाता शर्मा ने जताई नाराजगी, अधीक्षक और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
जशपुर /पथलगाव। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आने के बाद अब जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती सुजाता शर्मा ने घटना को लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए हॉस्टल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
श्रीमती सुजाता शर्मा ने कहा कि हॉस्टल के अधीक्षक को नियमानुसार हॉस्टल में रहकर बच्चों की देखरेख करनी चाहिए। रात के समय चौकीदार की ड्यूटी भी होती है। ऐसे में इतनी रात को हॉस्टल में रहने वाले बच्चे बाहर कैसे निकल गए और कथित रूप से चोरी की घटना को अंजाम देने की स्थिति तक कैसे पहुंच गए, यह गंभीर जांच का विषय है।
उन्होंने कहा कि हॉस्टल से बाहर जाने के लिए सामान्यतः अभिभावक की अनुमति तथा विशेष कार्य होने पर रजिस्टर में एंट्री कर अनुमति लेने की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद यदि बच्चे देर रात हॉस्टल से बाहर पाए गए, तो हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
“बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष ने कहा कि हॉस्टल बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए होता है। इतनी रात को बच्चों का बाहर निकल जाना और चोरी की घटना में शामिल होना बेहद निंदनीय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच में रात्रिकालीन ड्यूटी, हॉस्टल उपस्थिति रजिस्टर, बाहर जाने की अनुमति, चौकीदार की ड्यूटी और अधीक्षक की मौजूदगी समेत सभी बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अब सवाल यह है कि जब हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय है, तो इतनी रात को बच्चे बाहर कैसे निकले? आखिर निगरानी व्यवस्था में चूक कहां हुई? मामले की जांच के बाद ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आ सकेगा।






