जल अर्पण दिवस पर ग्रामीणों ने लिया जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प, एफटीके से हुआ पेयजल गुणवत्ता परीक्षण
रायगढ़, 5 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के तहत 2 अक्टूबर को जिले के विभिन्न ग्रामों में जल अर्पण दिवस मनाया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जल के महत्व, संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करते हुए गांवों के जल स्रोतों को सुरक्षित रखने तथा पानी की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने का संकल्प दिलाया गया।
विभिन्न ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जागरूकता रैलियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया। “जल है तो कल है” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों को वर्षा जल के संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों में ग्रामीणों को दैनिक जीवन में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई।

एफटीके से जांचा गया पेयजल
जल संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण भी किया गया। विभिन्न जल स्रोतों से पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की गई और परीक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की गई। ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व तथा जल स्रोतों की नियमित निगरानी के संबंध में भी जानकारी दी गई। अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों में ग्रामीणों, बच्चों और संबंधित मैदानी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। जल अर्पण दिवस के माध्यम से जल संरक्षण को केवल सरकारी गतिविधि नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश दिया गया। साथ ही एफटीके परीक्षण के जरिए ग्रामीण समुदाय को अपने आसपास उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।







