Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से मां की आराधना करने से भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस बार अष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है कि महाअष्टमी 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 19 अक्टूबर को। आइए जानते हैं सही तारीख और तिथि का समय।
19 अक्टूबर को मनाई जाएगी महाअष्टमी
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में दुर्गा अष्टमी का पर्व 19 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर 19 अक्टूबर को महाअष्टमी की पूजा करना उचित माना गया है।
मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की आराधना की जाती है। मान्यता है कि मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत गौर वर्ण का है, इसी कारण उन्हें महागौरी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
अष्टमी पर कन्या पूजन की परंपरा
महाअष्टमी के अवसर पर अनेक घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया जाता है। छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार दिए जाते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ और हवन भी करते हैं।
अष्टमी और नवमी दोनों का विशेष संयोग
इस वर्ष 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के साथ महानवमी की तिथि भी शुरू होगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र के पंचांग और पूजा परंपरा के अनुसार कन्या पूजन तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का समय तय करना चाहिए।











