MCX पर शुरुआती कारोबार में 145 रुपये की गिरावट, बाद में 1,49,621 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा भाव; अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की चाल पर बाजार की नजर
नई दिल्ली। सोने के बाजार में इन दिनों उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कभी कीमतों में गिरावट निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है, तो कभी भाव में सुधार से बाजार को सहारा मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने की कीमतों में ऐसा ही रुख देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में भाव नीचे आया, लेकिन बाद में इसमें रिकवरी दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों और सोने के आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों की नजर बाजार की अगली चाल पर टिकी हुई है।
MCX पर पहले गिरा सोने का भाव, फिर हुई रिकवरी
कारोबार की शुरुआत में सोने की कीमत 145 रुपये गिरकर 1,49,398 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। हालांकि, इसके बाद भाव में सुधार देखने को मिला और दोपहर करीब एक बजे कीमत बढ़कर 1,49,621 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
इस उतार-चढ़ाव से संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल कीमतों की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में केवल शुरुआती गिरावट या बाद की तेजी के आधार पर भविष्य के भाव का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की चाल और महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर नजर रखना जरूरी है।
शून्या रिसर्च रिपोर्ट में क्या संकेत मिले?
13 अक्टूबर 2026 की शून्या रिसर्च रिपोर्ट के उपलब्ध विवरण के अनुसार, सोने की कीमतों में फिलहाल तेजी या गिरावट की स्पष्ट दिशा सामने नहीं आई है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बाजार में आगे बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है।
यदि सोने का भाव महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर को पार करता है, तो इसमें और तेजी आने की संभावना बन सकती है। वहीं, मजबूत सपोर्ट स्तर टूटने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि, तकनीकी विश्लेषण केवल संभावित दिशा का अनुमान लगाने में मदद करता है। इससे भविष्य में कीमतों के निश्चित रूप से बढ़ने या गिरने की गारंटी नहीं मिलती।
पिछले कारोबारी सत्र में भी आई थी गिरावट
सोने की कीमतों में कमजोरी पिछले कारोबारी सत्र में भी देखने को मिली थी। सोमवार, 12 अक्टूबर को MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का भाव शाम के कारोबार में करीब 1,49,899 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इस दौरान लगभग 1,600 रुपये की गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई।
इस कमजोरी के पीछे रुपये की मजबूती, अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों को लेकर निवेशकों की सतर्कता जैसे कारण बताए गए। बाजार की नजर अमेरिका के महंगाई संबंधी आंकड़ों पर भी है, क्योंकि इनके आधार पर ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव हो सकता है।
सोने की कीमतों में बदलाव की प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- डॉलर की चाल: डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव पड़ सकता है।
- रुपये की विनिमय दर: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से भारत में सोने का आयात महंगा हो सकता है।
- अमेरिकी ब्याज दरें: ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें सोने की मांग और कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
- वैश्विक अनिश्चितता: आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने की सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मांग बढ़ सकती है।
- बॉन्ड यील्ड: बॉन्ड से मिलने वाला प्रतिफल बढ़ने पर सोने की आकर्षकता प्रभावित हो सकती है, क्योंकि सोना नियमित ब्याज आय नहीं देता।
इन सभी कारकों का संयुक्त प्रभाव सोने की कीमतों में तेजी या गिरावट के रूप में दिखाई दे सकता है।
आगे सोने का भाव बढ़ेगा या गिरेगा?
फिलहाल उपलब्ध कारोबारी संकेतों के आधार पर सोने की अगली दिशा को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना मुश्किल है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत मिलते हैं और कीमत महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर के ऊपर टिकती है, तो तेजी को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, कमजोर वैश्विक संकेतों और सपोर्ट स्तर टूटने की स्थिति में भाव में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: सोने में निवेश करने से पहले ताजा बाजार भाव, खरीद-बिक्री के अंतर और अपने निवेश की अवधि पर विचार करें। वहीं, आभूषण खरीदने वाले ग्राहक ध्यान रखें कि MCX का वायदा भाव और दुकानों पर मिलने वाला खुदरा सोने का भाव अलग हो सकता है। आभूषणों की कीमत में शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू करों का भी असर पड़ता है।











