मनोरा क्षेत्र के मूटू जकबा जंगल में झारखंड ले जाए जा रहे थे गौवंश; पुलिस को देखकर आरोपी फरार, तलाश जारी
जशपुर, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन शंखनाद के तहत मनोरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। पुलिस के अनुसार, गौवंशों को जंगल के रास्ते पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में पहुंची पुलिस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम मूटू जकबा के जंगल के रास्ते कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को बेरहमी से हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। जंगल में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को गौवंशों को पैदल ले जाते देखा। टीम ने घेराबंदी की, लेकिन पुलिस को देखकर संदिग्ध गौवंशों को छोड़कर फरार हो गए।
सभी 10 गौवंशों का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण
पुलिस ने मौके से 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद सभी का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस फरार संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है।
पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस मामले में चौकी मनोरा में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) और 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा तथा आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और सुधीर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऑपरेशन शंखनाद के तहत कार्रवाई जारी
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि मनोरा क्षेत्र से 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन शंखनाद के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।











