वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर नर्सिंग संवर्ग लामबंद, दीपावली तक मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों का आंदोलन तेज होने जा रहा है। ग्रेड पे में वृद्धि की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन ने 30 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके लिए प्रदेशभर की नियमित स्टाफ नर्सें और नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन में शामिल होंगे। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आठ साल बाद भी कमेटी की सिफारिशों पर अमल नहीं
छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा के अनुसार, नर्सिंग कर्मचारियों की ग्रेड पे बढ़ाने की मांग लंबे समय से लंबित है। इस मुद्दे को लेकर वर्ष 2018 में भी व्यापक आंदोलन किया गया था। उस दौरान कई नर्सिंग कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। आंदोलन के बाद सरकार ने एक कमेटी गठित की थी, जिसने ग्रेड पे में वृद्धि के संबंध में अनुशंसाएं की थीं। हालांकि, संघ का कहना है कि करीब आठ साल बीतने के बावजूद इन अनुशंसाओं पर अब तक अमल नहीं हुआ है।
वर्ष 2023 के आंदोलन में भी हुई थी कार्रवाई
नर्सिंग कर्मचारियों ने वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले भी आंदोलन किया था। संघ के मुताबिक, उस आंदोलन के दौरान 2,500 से अधिक कर्मचारियों को निलंबन और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
एसोसिएशन का कहना है कि मांगों को लेकर लगातार पत्राचार और मौखिक निवेदन किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और निराशा बढ़ रही है। संघ ने इस बार अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और लंबित मामलों का निराकरण करने की मांग उठाई है।
आंदोलन के तीन चरण, दीपावली तक का अल्टीमेटम
नर्सेस एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तय की है। इसके तहत 7 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में भोजन अवकाश के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया गया था।
आंदोलन के अगले चरण में 30 अक्टूबर को प्रदेशभर के नर्सिंग कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर रायपुर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि दीपावली तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों और विभागीय मंत्रियों को भी आंदोलन के संबंध में सूचना पत्र सौंपे हैं।
अस्पतालों में मरीजों की देखभाल पर पड़ सकता है असर
नर्सिंग कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, आयुर्वेदिक अस्पतालों और मानसिक रोग चिकित्सालयों में नर्सिंग कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से मरीजों की देखभाल और अस्पतालों की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
एसोसिएशन ने कहा है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संघ ने सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।
अब सभी की नजर 30 अक्टूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर है। नर्सिंग कर्मचारियों की मांगों पर समय रहते समाधान निकलता है या आंदोलन आगे बढ़ता है, इसका असर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।











