धनागर और बनसिया में खेतों तक पहुंचकर नुकसान का लिया जायजा, फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना अनिवार्य
रायगढ़, 31 अक्टूबर 2026। जिले में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों के दल ने ग्राम धनागर एवं बनसिया पहुंचकर खेतों में फसल क्षति का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से चर्चा कर उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिलने वाले लाभों एवं जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण दल में प्रभारी उप संचालक कृषि हरीश राठौर, सहायक सांख्यिकी अधिकारी सौरव पटेल, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तरुण पटेल, बीमा कंपनी के जिला समन्वयक संजीव साहू और ब्लॉक समन्वयक भिखम साहू शामिल रहे।
फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना जरूरी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को बताया कि चक्रवात, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर घटना के 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है। सूचना देते समय नुकसान की मात्रा और उसके कारण का विवरण देना होगा।
किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344, हेल्पलाइन नंबर 14447 अथवा पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय कृषि एवं राजस्व अधिकारियों तथा संबंधित बैंक को भी फसल क्षति की जानकारी दी जा सकती है।
खेत में सुखाने रखी फसल को भी मिलेगा बीमा का लाभ
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए फैलाकर रखी गई या बंडलों में रखी गई अधिसूचित फसल को चक्रवात अथवा बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचने पर भी नियमानुसार बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता है।
48 घंटे में नियुक्त होंगे क्षति निर्धारक, 10 दिन में सर्वे
योजना के प्रावधानों के अनुसार, फसल क्षति की सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी द्वारा 48 घंटे के भीतर क्षति निर्धारकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद 10 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा किया जाएगा। संपूर्ण प्रक्रिया पूरी होने के 15 दिनों के भीतर नियमानुसार क्षतिपूर्ति की राशि किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
बीमा कंपनी को समय-सीमा में सर्वे पूरा करने के निर्देश
इस दौरान प्रभारी उप संचालक कृषि हरीश राठौर ने बीमा कंपनी के जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि किसानों से प्राप्त फसल क्षति की सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में सर्वे और आकलन की कार्रवाई पूरी करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति का लाभ समय पर मिलना चाहिए।











