रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लाभार्थियों को रामचरित मानस पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंटकर किया सम्मानित
रायगढ़। श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थयात्रा करने वाले जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों का शुक्रवार को पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष समारोह में सम्मान किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंटकर सम्मानित किया। समारोह की शुरुआत सुंदरकांड पाठ और सामूहिक हनुमान चालीसा के वाचन के साथ हुई।
वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और रामायण आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
प्रभु श्रीराम का जीवन मानवता के लिए आदर्श : ओ.पी. चौधरी
समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए हैं। यह सौभाग्य की बात है कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं और भगवान श्रीराम का प्रदेश से गहरा सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंध है। प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा राम हैं, इसलिए यहां उनके प्रति विशेष श्रद्धा और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के लिए आदर्श है। उनके जीवन से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, संघर्ष और सेवा की प्रेरणा मिलती है। राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास और अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनका जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय समाज और दूसरों के हित में सकारात्मक कार्य करते रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना फिर शुरू, रामलला दर्शन योजना भी हुई प्रारंभ
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को दोबारा शुरू किया गया। इसके साथ ही पहले बजट में श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई, ताकि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर मिले और यात्रा के दौरान उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ओ.पी. चौधरी ने अपने संकल्प का उल्लेख करते हुए बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ में कम से कम एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प के तहत विभिन्न अवसरों पर ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं।
सरकार ने बुजुर्गों का अयोध्या जाने का सपना किया साकार : राधेश्याम राठिया
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि यह दिन सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से विशेष संबंध है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने तीर्थयात्रा से लौटे सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और प्रसन्नता से इन योजनाओं की उपयोगिता सामने आती है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन और श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, मंदिरों और धार्मिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने के संकल्प की सराहना की।
जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थधाम की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया है। उन्होंने इसके लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ नागरिकों ने साझा किए अयोध्या यात्रा के अनुभव
समारोह में तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि कभी अयोध्या धाम जाने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने की कल्पना भी नहीं की थी। उनके पूर्वज भी अयोध्या नहीं जा सके थे, लेकिन सरकार की योजना के माध्यम से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था रही। उन्होंने राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
एक साल में छह बार अयोध्या यात्रा, 981 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित
आयोजन में दी गई जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छह चरणों में जिले के वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत भी एक बार यात्रा आयोजित की गई।
इन यात्राओं से लाभान्वित जिले के कुल 981 वरिष्ठ नागरिकों को समारोह में सम्मानित किया गया। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 861 और शहरी क्षेत्र के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंत में महापौर जीवर्धन चौहान ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ करने वाले दल के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे और उनकी टीम के सदस्यों को स्मृति चिह्न एवं श्रीरामचरित मानस पुस्तिका भेंटकर सम्मानित किया गया।
तीर्थयात्रा से लौटे वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का यह आयोजन उनके धार्मिक अनुभवों को साझा करने और रामायण की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने का अवसर बना।











