रायगढ़ में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार और रोजगार पर विशेष जोर; धरती आबा अभियान के तहत 320 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के निर्देश
रायगढ़, 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनजातीय समुदाय के पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
अध्यक्ष श्री मण्डावी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले में जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार, रोजगार, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर, आयोग के सचिव पवन कुमार नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, गोपाल अग्रवाल, श्रीमती रजनी राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वन अधिकार और पेसा कानून के प्रभावी पालन पर जोर
बैठक में वन अधिकार पत्रों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। अध्यक्ष श्री मण्डावी ने पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए भूमि का उपयोग ग्रामसभा की सहमति से किया जाए तथा प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
धरती आबा अभियान के तहत जिले के 320 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही बिरहोर और पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के निर्देश
अध्यक्ष ने आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने, गांवों में पेयजल संकट दूर करने तथा सड़कों के उन्नयन पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का व्यवस्थित संधारण करने के निर्देश भी दिए।
आश्रमों और छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा वहां रहने वाले विद्यार्थियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए।
किसानों और श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
कृषि विभाग को जनजातीय किसानों तक खाद, बीज, फसल बीमा और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। वहीं, सहकारिता विभाग को जनजातीय परिवारों को कृषि ऋण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी पहल करने को कहा गया।
श्रम विभाग को शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं को आजीविका संबंधी गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री मण्डावी ने भूमि हस्तांतरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अवैध कब्जों से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने को कहा। उन्होंने रेत के अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा जनजातीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा लघु उद्योगों के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से जनजातीय परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में संघर्ष कम करने की बनेगी कार्ययोजना
बैठक में हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आश्रम-छात्रावासों और प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया, ताकि आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हो सके।
बैठक के समापन पर जिला प्रशासन की ओर से आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी एवं उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।











