नेशनल हाईवे पर पिकअप से 11 गौवंश किए गए थे मुक्त, पूर्व में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद सामने आए थे दोनों के नाम; छत्तीसगढ़ और झारखंड में दबिश देकर पकड़ा
जशपुर, 28 अक्टूबर 2026। गौवंश तस्करी और पशुओं के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी को जिले के लोदाम क्षेत्र से, जबकि दूसरे को झारखंड के गुमला जिले से पकड़ा। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना लोदाम क्षेत्र के ग्राम भलमंडा के पास नेशनल हाईवे पर हुई कार्रवाई से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस ने गौवंश तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप वाहन क्रमांक JH-10-BS-8773 को जब्त कर उसमें से 11 गौवंशों को मुक्त कराया था। मामले की विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
नाकाबंदी के दौरान पकड़ी गई थी पिकअप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 7 दिसंबर 2025 को थाना लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में गौवंशों को भरकर अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम भलमंडा के पास नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी की।
इस दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक JH-10-BS-8773 को रोकने की कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, वाहन में सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद वाहन की जांच कर उसमें ले जाए जा रहे 11 गौवंशों को मुक्त कराया गया और पिकअप जब्त कर ली गई।
मामले में थाना लोदाम में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में मिले सुराग
विवेचना के दौरान पुलिस ने पिकअप के पंजीयन नंबर और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी मंजीत जांगड़े, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम चंद्रपुर, जिला सक्ती को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गौ तस्करी के मामले में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली।
इनकी पहचान बसी अहमद, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम साईं टांगरटोली, थाना लोदाम, जिला जशपुर तथा इमरोज खान, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम बरगीडांड, थाना रायडीह, जिला गुमला, झारखंड के रूप में हुई। पुलिस ने मंजीत जांगड़े को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था, जबकि दोनों अन्य आरोपी फरार थे।
लोदाम और गुमला में दबिश देकर गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि बसी अहमद को लोदाम के बाजार डांड़ क्षेत्र में देखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।
इसी दिन पुलिस ने दूसरे आरोपी इमरोज खान को झारखंड के गुमला जिले में उसके गृह क्षेत्र से पकड़ा। दोनों से पूछताछ और मामले में उनकी कथित संलिप्तता से जुड़े साक्ष्यों की जांच के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 1,000 रुपये नकद जब्त किए हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गौवंश तस्करी के मामलों में कार्रवाई जारी
जशपुर जिले में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश तस्करी और पशुओं के अवैध परिवहन से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
इस प्रकरण में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू तथा आरक्षक बसंत खुटिया, बूटा सिंह, जगजीवन यादव, अजय यादव और जशवंत मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी के मामलों में फरार आरोपियों की तलाश जारी है और अवैध परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नेशनल हाईवे पर 11 गौवंशों की बरामदगी से शुरू हुई इस जांच में अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।











