पूर्णिमा की धवल चांदनी में अलौकिक दिखा श्री जगन्नाथ मंदिर का शिखर, श्रद्धालु बोले—मानो महाप्रभु के दर्शन करने आए हों चंद्रदेव
पुरी। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस अवसर पर ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में प्रकृति का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। मंदिर के शिखर पर स्थापित पवित्र नीलचक्र के ठीक पीछे पूर्ण चंद्रमा चमकता दिखाई दिया। चांदनी से सजा यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस अद्भुत नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नीलचक्र के पीछे चमकता नजर आया चंद्रमा
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पूर्णिमा का चंद्रमा श्री जगन्नाथ मंदिर के पवित्र नीलचक्र के ठीक पीछे दिखाई दे रहा है। रात के आकाश में चमकते चंद्रमा और मंदिर के शिखर का यह दृश्य बेहद मनमोहक नजर आता है। प्रकृति और आस्था के इस अनूठे संगम को देखकर लोग भावविभोर हो रहे हैं।
वीडियो साझा करते हुए श्रद्धालु इसे शरद पूर्णिमा का अलौकिक दृश्य बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूर्ण चंद्रमा की धवल किरणों के बीच मंदिर के नीलचक्र का दृश्य ऐसा प्रतीत होता है, मानो चंद्रदेव स्वयं महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे हों।
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा अश्विन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों में अमृततुल्य गुण माने जाते हैं। इसी मान्यता के चलते कई स्थानों पर खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है।
शरद पूर्णिमा पर पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के नीलचक्र के पीछे चमकते चंद्रमा का दृश्य श्रद्धा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।











