प्रधानमंत्री मोदी और उनके पिता को लेकर कथित टिप्पणी पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, सार्वजनिक माफी की मांग
नई दिल्ली/रायपुर। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस की ओर से आयोजित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी खरगे के बयान की निंदा की है।
कार्यक्रम में टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
पटना में आयोजित जयंती समारोह में मल्लिकार्जुन खरगे केंद्र की मोदी सरकार और उसकी नीतियों पर बोल रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि मोदी नहीं जाने वाले हैं। इस पर खरगे ने गुस्से में प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद उनका बयान विवादों में आ गया। कार्यक्रम में उक्त व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता का अपमान बता रही है। इस मामले में पटना के एक थाने में खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने की भी जानकारी सामने आई है। विवाद के बाद कांग्रेस को राजनीतिक स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम विष्णुदेव साय ने की सार्वजनिक माफी की मांग
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर खरगे की टिप्पणी को निंदनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संस्कारहीन राजनीति करने का आरोप लगाते हुए खरगे से देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
सीएम साय ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध के बावजूद भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी की निंदा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
खरगे की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का रूप ले चुका है। भाजपा नेताओं की ओर से लगातार विरोध जताया जा रहा है, वहीं इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के सामने भी राजनीतिक असहजता की स्थिति पैदा कर दी है।











