मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में की मुलाकात, दो दिवसीय दौरे में संगठन की मजबूती पर होगा मंथन
रायपुर। भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी सोमवार को पहली बार रायपुर पहुंचीं। माना एयरपोर्ट पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत और रायपुर महापौर मीनल चौबे ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से स्मृति ईरानी सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उनसे मुलाकात और स्वागत के लिए पहुंचे। उनके दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
पोस्टर-बैनर पर रोक, शहर में दिखे भाजपा के झंडे
स्मृति ईरानी के स्वागत को लेकर इस बार राजधानी में अलग तस्वीर देखने को मिली। पार्टी की ओर से होर्डिंग और बैनर लगाने से मना किए जाने के बाद शहर में जगह-जगह भाजपा के झंडे नजर आए। आमतौर पर बड़े नेताओं के आगमन पर स्वागत के लिए पोस्टर-बैनर लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से स्मृति ईरानी के स्वागत में बाइक रैली आयोजित करने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन इसे देर रात रद्द कर दिया गया। स्वागत कार्यक्रमों में सादगी और अनुशासन पर जोर दिए जाने से पार्टी की नई कार्यशैली की झलक दिखाई दी।
स्मृति ईरानी के नेतृत्व में भाजपा और मजबूत होगी: बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्मृति ईरानी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और मजबूत होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संगठन मिलकर बेहतर तरीके से काम करेंगे।
स्वागत में पोस्टर-बैनर नहीं लगाए जाने के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले नेताओं के पोस्टर लगाने की होड़ में कार्यकर्ता उलझ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक प्रयासों के बजाय संगठन को मजबूत करने और आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
बैठकों में संगठन की मजबूती पर चर्चा
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि स्मृति ईरानी रायपुर पहुंच चुकी हैं और उनके दौरे के दौरान कई बैठकें होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता और मजबूती से काम करेंगे।
स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों के जरिए संगठन की गतिविधियों, सरकार के कामकाज और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा होने की उम्मीद है।











