कोचियों-बिचौलियों और अवैध धान परिवहन पर रहेगी नजर, वास्तविक किसानों से ही होगी खरीदी
रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के सभी 112 धान उपार्जन केंद्रों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय और केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इन अधिकारियों को खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीदी के दौरान कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान की आवक, भंडारण और बिक्री पर विशेष नजर रखी जाएगी। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि समर्थन मूल्य पर वास्तविक किसानों से उनकी वास्तविक उपज के अनुसार ही धान की खरीदी हो, ताकि अपात्र लोगों को योजना का लाभ न मिल सके।
नियमित निरीक्षण से रखी जाएगी खरीदी व्यवस्था पर नजर
जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत जिला स्तरीय नोडल अधिकारी धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे, जबकि केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से खरीदी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
नोडल अधिकारियों को केंद्रों में धान खरीदी की व्यवस्था, निर्धारित गुणवत्ता और शासन के दिशा-निर्देशों के पालन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी धान खरीदी के दौरान शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित गुणवत्ता का धान खरीदा जाए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। उन्होंने खरीदी केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाते हुए वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना और अवैध धान की बिक्री पर रोक लगाना है। खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।











