संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में होगा जिला स्तरीय आयोजन, विकास प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम
चक्रवात और भारी बारिश की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव की तैयारियों के निर्देश
रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रायगढ़ में 2 नवंबर को जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और संबंधित विभागों को समय-सीमा में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
राज्योत्सव का आयोजन रायगढ़ के संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में होगा। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन में विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जिले की उपलब्धियों, शासन की प्रमुख योजनाओं और सफल परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
विभागों को सौंपी गई आयोजन की जिम्मेदारी
जिला पंचायत सीईओ ने राज्योत्सव के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल, बिजली, जनरेटर, ध्वनि व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, बैठक व्यवस्था और चलित शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।
आगंतुकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन वाहन, चिकित्सा दल, आवश्यक दवाइयों और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभागीय स्टॉलों पर शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को मुख्य थीम के अनुरूप आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक शासकीय भवनों में रोशनी की जाएगी। निजी संस्थानों को भी अपने भवनों को रोशन कर स्थापना दिवस के उत्सव में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारी बारिश की आशंका, राहत-बचाव की तैयारियां तेज
बैठक में 27 से 29 अक्टूबर तक चक्रवात के प्रभाव से भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को संभावित वर्षा और बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए।
सभी तहसीलदारों को निचले इलाकों का आकलन कर वहां स्थित मकानों, फसलों और पशुओं की जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला एवं तहसील स्तर के नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखे जाएंगे। अधिकारियों को आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने तथा जिला सेनानी को बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली, स्वास्थ्य और पशुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
संभावित बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए बिजली विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों की स्थिति का आकलन करने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने पर शीघ्र बहाली की तैयारी रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को उन गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका प्रसव निकट भविष्य में संभावित है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पहले से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां, एंबुलेंस और चिकित्सा दल उपलब्ध रखने को कहा गया है।
पशुपालन विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की संख्या का आकलन कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों और रपटों पर पानी भरने की स्थिति में आवागमन रोकने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है।
अधिकारियों को समय-सीमा में तैयारी पूरी करने के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और राज्योत्सव की तैयारियों के साथ आपदा प्रबंधन की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की प्राथमिकता राज्योत्सव को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के साथ संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।











