गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर हुआ सतनाम संगोष्ठी का आयोजन –

धर्मेंद्र गायकवाड़

अ.जा.शास.सेवक संघ और जिला सतनामी समाज-कबीरधाम के संयुक्त संयोजकत्व में गुरुपर्व गुरु घासीदास जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश स्तरीय सतनाम संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय कवर्धा के गुरु घासीदास गुरुद्वारा में आयोजित इस कार्यक्रम में सर्व जाति वर्ग के कवि साहित्यकार शामिल हुए। गुरू बाबा के श्री चरणों में सभी ने अपने शब्द भाव अर्पित किए।
उपस्थित अतिथियों कवियों और सामाजिक पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, गणमान्य सामाजिकजनों के द्वारा गुरुद्वारा में गुरु गद्दी आसन की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।
प्रति वर्ष 18 दिसंबर को गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। जयंती के अवसर पर इस तरह के बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन बहुत ही सराहनीय है। सामाजिक राजनीतिक साहित्यिक सांस्कृतिक आध्यात्मिक आर्थिक शैक्षणिक कृषि वानिकी आदि क्षेत्रों में गुरु घासीदास बाबा जी ने न केवल अपनी बातें कही है बल्कि परिणाममूलक सप्रमाण चमत्कारिक अनेकों कार्य किए हैं। लोक हित के उनके कार्य, उनकी वाणी वर्तमान पीढ़ी के लिए अनुकरणीय उपदेश व संदेश बन चुके हैं। गुरु घासीदास बाबा जी के द्वारा किये गये सामाजिक सुधार के कार्य,उस कार्य की महत्ता, गुरु की अनमोल वाणी, गुरु के अनुकरणीय उपदेश संदेश जनमानस तक सहीं रूप में सहीं अर्थों में ऐसे ही आयोजनों से पहुँचते हैं। लोग गुरू घासीदास बाबा के विचारों को जानते हैं समझते हैं, उस पर चिंतन-मनन करते हैं, गुरू के वाणी-वचनों को जीवन में आत्मसात करते हैं, उनके बताए सतमार्ग पर चल कर अपने जीवन को सरल सफल और सुखमय बनाते हैं।
गुरु घासीदास बाबा जी और उनका जीवन दर्शन पूरे विश्व समुदाय के लिए प्रेरक है। गुरु को मानने वाले सतमार्गी होते हैं, हमेशा यही चाहते हैं उनका देश राज समाज आपसी बंधुत्व भाईचारा प्रेम शान्ति सौहार्द के वातावरण में रहे और हमेशा खुशहाल रहे। एक दूसरे के प्रति आदर सम्मान सहयोग की भावना देखकर मानवता प्रसन्न रहे।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित रहे चर्चित समीक्षक और आलोचक अजय चंद्रवंशी जी सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कवर्धा, वरिष्ठ साहित्यकार व पत्रकार समयलाल विवेक जी, इतिहासकार महेश आमदे जी सेवानिवृत्त प्राचार्य, छन्दकार ज्ञानुदास मानिकपुरी जी, लक्ष्मण मिरी जी अध्यक्ष सतनामी समाज कबीरधाम, अधिकारी कर्मचारी संघ के संरक्षक एस एस कुर्रे जी जिला सांख्यिकी अधिकारी, वरिष्ठ साहित्यकार व समाजसेवी महावीर प्रसाद टण्डन जी। वक्ता के आसंदी से उपस्थित रहे अगर दास बघेल जी सहायक प्राध्यापक, संतोष डहरिया जी सहायक प्राध्यापक, जयप्रकाश बंजारे जी समाजसेवी, पवन कोसरिया जी प्रभारी प्राचार्य, जिरधन नवरंग जी अध्यक्ष अजाक्स, गौकरण आनंद जी अध्यक्ष सतनामी अधिकारी कर्मचारी संघ, एस बी पी डी प्रकाशन से अविनाश पटेल जी, लक्ष्मण भट्ट जी समाजसेवी,खिलेश बंजारे जी।
जुगेश बंजारे धीरज और अश्वनी कोसरे रहँगिया के शानदार संचालन में सतनाममय काव्यपाठ करने वाले कवि रहे गौंटिया भुवन दास जाँगड़े जी, कमलेश कुमार ढिंढे कमल जी, ओमप्रकाश पात्रे ओम जी, आशीष कुमार बघेल जी, समयलाल विवेक जी, महेश आमदे जी, अजय चंद्रवंशी जी, रमेश चौरिया जी, रिखीराम धुर्वे दुजहा जी, हेमसिंग साहू मास्टर जी, तुकाराम साहू तरूण जी, घनश्याम कुर्रे अलकरहा जी, महावीर प्रसाद टण्डन जी, डी पी लहरे मौज जी, दयालु प्रसाद भारती जी, नोकेश मधुकर जी, जाजू सतनामी प्रवीण जी, और सुखदेव सिंह अहिलेश्वर जी।
विशिष्ट आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे सनद डहरिया जी,दिनेश बर्वे जी,संतोष डहरिया जी, सुरेश डाहिरे जी ,दिनेश बंजारा जी,एल आर टंडन जी, प्रहलाद राम पात्रे जी, ओ एन कुर्रे जी,हीरा रात्रे जी,भुनेश्वर बर्मन जी, चैतराम जी, दिनेश भाटी जी, वीरेंद्र इंसानियत जी, सतीश डाहिरे जी, कमलेश लहरे जी, दुर्गा प्रसाद जी, हिरेंद्र गोप जी,विकास कुर्रे जी,कमल लहरे जी,और दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में युवा साथी, माताएँ बहनें बच्चे उपस्थित रहे यह जानकारी अधिवक्ता मणिशंकर दिवाकर गदगद हास्य कवि ने दी/-








