ग्राम पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने से पंचायतों में लगा ताला,

चंद्रशेखर जायसवाल की रिपोर्टिंग


पंचायत के सभी कार्य हुए बंद
लैलूँगा प्रदेश पंचायत सचिव संगठन छत्तीसगढ़ के आह्वान पर पंचायत सचिव अपने एक सुत्रीय मांग परिविक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठने से पूरा प्रदेश के 11644 पंचायत कार्यालय में ताला लटका हुआ है। रमेश पटेल ब्लाक अध्यक्ष सचिव संघ लैलूँगा द्वारा बताया गया कि चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने घोषणा पत्र में शासकीयकरण करने का वादा किया गया था,मुख्यमंत्री द्वारा उनके निवास में पंचायत सचिवों के प्रतिनिधि मंडल से 24 जनवरी 2021 को पंचायत सचिवों का दिसम्बर 2021 तक शासकीय करण करने का वादा किया गया था ।पंचायत सचिव शिक्षक सम्मेलन इंडोर स्टेडियम रायपुर में दिनांक 29 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से पंचायत सचिव का शासकीयकरण करने हेतु घोषणा किया गया था।
पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे द्वारा 17 फरवरी 2023 को पंचायत सचिव के 70 से अधिक प्रतिनिधि मंडल के समक्ष शासकीय करण आगामी बजट में पूर्ण करने हेतु आश्वस्त किया गया था, परन्तु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 6 मार्च 2023को प्रस्तुत बजट में पंचायत सचिवों का शासकीयकरण का कोई प्रावधान नहीं होने से 10568 पंचायत सचिव व उनके परिवार दुखी एवं आक्रोशित है छत्तीसगढ़ के 70 विधायक गण द्वारा भी पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने हेतु अनुशंसा किया गया है।
पंचायत सचिव देखते है 29 विभागों के 200 कार्यों को,
छ.ग. में कार्यरत पंचायत सचिव 29 विभाग के 200 प्रकार के कार्य को जमीनी स्तर पर पूर्ण इमानदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए राज्य शासन एवं केन्द्र शासन के समस्त योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अति महत्व पूर्ण कार्य को कर रहे है। राज्य सरकार की फ्लेगशिप योजना जैसे गोधन न्याय योजना (नरूवा गरुवा, घुरवा ,बाड़ी) राजीव गांधी किसान न्याय योजना राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याययोजना, मनरेगा प्रधानमंत्री आवास, पेंशन सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करते आ रहे है।
27 वर्ष से अधिक होने के बाद भी शासकीय सेवक नही,आखिर क्यों?
छ.ग. में त्रिस्तरीय पंचायती राजव्यवस्था जिला पंचायत एवं जन पंचायत स्तर में कार्यरत अधिकारी / कर्मचारी शासकीय सेवक है, परन्तु पंचायती राज की बुनियादी आभार स्तंभ ग्राम पंचायत में कार्यरत पंचायत सचिव 27 वर्ष बाद भी शासकीय सेवक नहीं है। पंचायत सचिवों को विभाग में काम करते हुए 27 वर्ष से अधिक हो गया है सचिवों के साथ नियुक्त अन्य विभाग के कर्मचारी जैसे शिक्षा कर्मी, वन कर्मी, लोक निर्माण विभाग के कर्मी को शासकीय करण कर दिया गया है। परन्तु पंचायत सचिवों को शासकीयकरण से वंचित है। प्रदेश में कार्यरत 10568 पंचायत सचिव में से 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके 7184 पंचायत सचिवों को शासकीय करण का वेतन मान 5200- 20200 ग्रेड 2400 मिल रहा है, एवं 15 वर्ष के कम सेवा अवधि वाले पंचायत सचिवों जिनकी संख्या 3384 को 3500-10000 ग्रेड 1100 का वेतनमान मिल रहा है। राज्य सरकार के कर्मचारी शासकीय कर्मचारी नहीं होने से शासकीय सेवक की भाँति अन्य सुविधा जैसे ओपीएस, चिकित्सा भत्ता, अर्जित अवकाश, टी ए क्रमोन्नति -पदोन्नति, बीमा- ग्रेज्युटी से वचित है। परिविक्षा अवधि पश्चात सचिव के शासकीयकरण करने से वार्षिक वित्तीय भार 75 करोड़ अल्प मात्र आयेगा।
सचिवों के हड़ताल में जाने से पंचायत के काम काज हो रहे प्रभावित,
पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से शासन के महत्वाकांक्षी योजना गोबर खरीदी रीपा कार्य,गोठान के समस्त कार्य, मनरेगा के कार्य, जन्म-मृत्यु पंजीयन, राशन कार्ड, प्रधान मंत्री आवास ग्रामीण, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अन्तर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा पेंशन मुख्य मंत्री पेंशन,राष्ट्रीय परिवार सहायता, श्रद्धाजंली योजना, पैयजल व्यवस्था, शौचालय निर्माण, वनाधिकार पट्टा वितरण, स्वामित्वा योजना सर्वेक्षण, ग्राम सभा, बजट निर्माण, समस्त निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष के अंतिम माह होने से लेखा-जोखा के कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित है। अब देखना यह लाज़मी होगा कि पंचायत सचिव की मांग को छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण करते हैं यह सचिव धरना प्रदर्शन करके कुछ ही दिन में लौटकर अपने काम में वापिस आते हैं







