आज से शुरू हो रही जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा, देशभर से लाखों की संख्या में शामिल होंगे श्रद्धालु जानें इसका महत्व

चांदनी बिहार पुर से लाल बहादुर यादव की रिपोर्ट



आज 20 जून 2023
उड़ीसा के पुरी में मंगलवार 20 जून को आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई है इसे लेकर जगरनाथ मंदिर से लेकर गुड़िचा मंदिर तब श्रद्धा अवर उत्साह चरम पर है भक्ति में भक्ति में डूबे है लोग बड़दाड श्री मंदिर के सामने स्थित चौड़ी सड़क में सोमवार से ही भक्तों नृत्य गीत एवं भजन कीर्तन में डूब गए हैं हर तरफ घंटे की ध्वनि सुनाई दे रही है नयन पथ गामी भाव तुम्हें की प्रार्थना भी चल रही है हर तरफ घंटे की ध्वनि सुनाई दे रही है नयन पथ गामी भवतु मे की प्रार्थना भी चल रही है वही जय जगन्नाथ जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा बड़दाड गुंजायमान हो रहा है रथ यात्रा को लेकर पूरी में व्यापक तैयारियां की गई सोमवार को सजा धजा कर यात्रा के तीन रथो को मंदिर के सामने ले आया गया है रथ के सामने सड़क पर कई मीटर लंबी रंगोली भी सजाई गई है आज मंगलवार को इन रथों पर भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के बिग्रहों को अरुढ करा रथयात्रा संपर्क कराई जाएगी
भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा प्राचीन समय से निकाली जा रही है. यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते है आज 20 जून 2023 को पुरी के श्री जगन्नाथ मन्दिर में रथ यात्रा ( निकाली जाएगी. भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष द्वितीयी तिथि को निकलती हैं. यह यात्रा शुक्ल पक्ष द्वितीया से शुरू होकर दशमी तिथि तक चलती हैं. ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में यह रथ यात्रा प्राचीन समय से निकाली जा रही है. यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं. आज आपको बताते हैं कि यह रथयात्रा कब तक चलेगी और इसका क्या महत्व है. भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा जगन्नाथ रथ यात्रा 2023 महत्व
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा को प्राचीन समय से निकाला जा रहा है. इसे भारत का सबसे बड़ा रथ यात्रा उत्सव माना जाता है.ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर को मुक्ति का द्वार भी माना जाता है. यहां पर रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यात्रा में शामिल होने के लिए आते हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ भगवान की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं.







