

मिलाद उननबी पर झगरपुर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब: बड़े पठान ने हिंदू भाइयों को खिलाया खीर-पूड़ी-सब्जी, गांव में छाया भाईचारे का रंग
लैलूंगा/झगरपुर। साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए झगरपुर के बड़े पठान की ओर से इस बार मिलाद उननबी का जश्न बेहद खास अंदाज में मनाया गया। मौके पर हिंदू-मुस्लिम एकता का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब बड़े पठान ने अपने गांव और आसपास के हिंदू भाइयों को खीर, पूड़ी और सब्जी परोसकर सम्मानित किया। यह आयोजन महज़ एक दावत नहीं, बल्कि भाईचारे और मोहब्बत की मिसाल साबित हुआ।
गांव के चौपाल पर जुटे हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। सबसे दिलचस्प नज़ारा तब देखने को मिला जब छोटे-बड़े सभी ने एक ही पंगत में बैठकर खीर-पूड़ी का स्वाद लिया। लोगों ने इसे “गंगा-जमुनी तहजीब” का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज के दौर में जब नफरत फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, तब झगरपुर का यह आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।
मिलाद उननबी के मौके पर गांव में कुरआन की तिलावत और जुलूस का आयोजन हुआ, उसके बाद बड़े पठान ने ऐलान किया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और यही पैग़म्बर की असल शिक्षा है। इसी संदेश के साथ हिंदू भाइयों को दावत दी गई।
इस आयोजन ने गांव का माहौल पूरी तरह से खुशनुमा बना दिया। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी शामिल हुए और हर किसी के चेहरे पर भाईचारे की मुस्कान साफ झलक रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के प्रयास न सिर्फ रिश्तों को मजबूत करते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी यह सीख देते हैं कि इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं।
झगरपुर का यह जश्न आज पूरे लैलूंगा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि “सियासत करने वाले चाहे लाख बांटने की कोशिश करें, लेकिन आम आदमी हमेशा मोहब्बत और भाईचारे की दावत ही परोसता है।”
साफ है कि मिलाद उननबी पर झगरपुर ने भाईचारे का जो पैगाम दिया है, वह पूरे इलाके में लंबे समय तक गूंजेगा।








