



लैलूंगा रायगढ़ मुख्य मार्ग की दुर्गापुर पुलिया बनी मौत का जाल
कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, रोजाना लगता है लंबा जाम
लैलूंगा। रायगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित दुर्गापुर पुलिया आज खतरे की घंटी बन चुकी है। बरसों पुरानी यह पुलिया अब इतनी जर्जर हो चुकी है कि उस पर से गुजरना मानो मौत को दावत देना है। पुलिया पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, किनारों की रेलिंग टूटी हुई है और सड़क धंस चुकी है। भारी वाहनों का दबाव इतना है कि पुलिया किसी भी दिन ध्वस्त हो सकती है। इस स्थिति में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लैलूंगा–रायगढ़ मुख्य मार्ग की यह पुलिया प्रतिदिन हजारों वाहनों का भार झेलती है। कोयला, लोहा, मुरुम और कृषि उपज से लदे भारी ट्रक यहां से लगातार गुजरते रहते हैं। पुलिया की चौड़ाई बेहद कम होने के कारण अक्सर ट्रकों और बसों की भिड़ंत जैसी स्थिति बन जाती है। यही वजह है कि हर दिन कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें आम लोग, स्कूली बच्चे और मरीज भी फंस जाते हैं।
ग्राम दुर्गापुर और आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि यह पुलिया वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन नतीजा सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहा। जनता का कहना है कि यह पुलिया कभी भी टूटकर बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है। छोटे वाहन चालक और मोटरसाइकिल सवार तो जान जोखिम में डालकर किसी तरह पार करते हैं। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। गड्ढों में पानी भरने से पुलिया पर फिसलन हो जाती है और आए दिन वाहन फिसलकर गिरते रहते हैं।
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रोजाना लगने वाले जाम से सामान की ढुलाई में देरी होती है। कई बार तो आधा-आधा घंटा वाहन फंसे रहते हैं। इससे आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। स्कूल बस चालक कहते हैं कि बच्चों को समय पर पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं, एंबुलेंस सेवाएं भी इस पुलिया पर फंसकर परेशानी का सामना करती हैं। हाल ही में एक मरीज की जान समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण खतरे में पड़ गई थी।
ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। वे कहते हैं कि बार-बार लिखित शिकायतों के बाद भी अधिकारियों ने पुलिया के सुधार पर कोई कदम नहीं उठाया। चुनाव के समय नेताओं द्वारा पुलिया के चौड़ीकरण और मरम्मत का वादा जरूर किया जाता है, लेकिन काम शुरू नहीं होता।
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इस पुलिया का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे चक्काजाम और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक नई पुलिया का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
साफ है कि दुर्गापुर पुलिया अब हादसे को दावत दे रही है। यह सिर्फ लैलूंगा ही नहीं बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को तत्काल संज्ञान लेकर पुलिया के चौड़ीकरण और मरम्मत का कार्य शुरू करना होगा। वरना किसी भी दिन बड़ा हादसा घट सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होगी।
सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी और नेता जनता की इस पीड़ा को गंभीरता से लेंगे या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करेंगे?








