मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता: रायगढ़ में ‘टेली मानस’ और ‘टोरेंट प्रोजेक्ट’ से घर बैठे मिल रही निःशुल्क परामर्श सुविधा

मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता: रायगढ़ में ‘टेली मानस’ और ‘टोरेंट प्रोजेक्ट’ से घर बैठे मिल रही निःशुल्क परामर्श सुविधा

एक लाख 75 हजार से अधिक लोगों की मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री सेवा 14416

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा


कलेक्टर के निर्देशन में जिला अस्पताल की पहल, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच
रायगढ़, 19 फरवरी 2026।
भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते तनाव के दौर में मानसिक स्वास्थ्य आज सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश पटेल के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय रायगढ़ के माध्यम से ‘टेली मानस’ सेवा के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
‘टेली मानस’ भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका पूरा नाम टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स है। इस सेवा के माध्यम से जिले का कोई भी व्यक्ति घर बैठे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा पूरी तरह गोपनीय है और 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध रहती है।
इसी कड़ी में  जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर केनन डेनियल द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बेंगलुरू स्थित निमहांस के समन्वय से जिले में ‘टोरेंट प्रोजेक्ट’ का भी सफल संचालन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें मानसिक रोगों की पहचान एवं स्क्रीनिंग के लिए ‘मेरिट’ नामक विशेष टूल उपलब्ध कराया गया है।
प्रशिक्षित सीएचओ द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सघन मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान संचालित कार्य के सफल संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा द्वारा किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले के लगभग एक लाख 75 हजार नागरिकों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जांच की जा चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार तीव्र तनाव का आवेग कई बार अल्प समय के लिए आता है, लेकिन यदि समय रहते परामर्श न मिले तो व्यक्ति गंभीर कदम उठा सकता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी, घबराहट या आत्मघाती विचार आने पर तुरंत सहायता लेना जरूरी है। नागरिक 14416 या 1800-891-4416 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

इन समस्याओं में मिल रही है सहायता


अत्यधिक तनाव, घबराहट या बेचैनी,लंबे समय तक उदासी या अवसाद के लक्षण,नींद से जुड़ी समस्याएं, पढ़ाई का तनाव या पारिवारिक कलह
नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए मार्गदर्शन।

जिला चिकित्सालय रायगढ़ ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दें। यदि स्वयं या आसपास कोई व्यक्ति व्यवहार में बदलाव, तनाव या अवसाद महसूस कर रहा हो तो झिझकें नहीं। एक कॉल या नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संपर्क कर विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि अब मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक की पहुंच में हैं। समय पर परामर्श लेकर न केवल स्वयं को, बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
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