रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
30 मई तक सभी लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश, नरेगासॉफ्ट पर डेटा शुद्धिकरण पर विशेष
विकसित भारत और ग्राम एवं आजीविका मिशन अधिनियम से पहले विशेष अभियान चलाकर कार्यों का होगा सत्यापन
रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। जिले में विकास कार्यों की गति को तेज करने और मनरेगा के तहत लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी हालिया एडवाइजरी के परिप्रेक्ष्य में जिले में लंबित कार्यों की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि नरेगा सॉफ्ट पोर्टल पर पूर्व वर्षों के जो कार्य लंबित या अपूर्ण दर्ज हैं, उनका यथोचित परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें क्लोज या एक्सटेंड किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई 2026 तक हर हाल में इन कार्यों को पूर्ण किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी ‘विकसित भारत-ग्राम एवं आजीविका मिशन अधिनियम, 2025’ के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्व पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा गठित विशेष समिति सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जो कार्यों के क्लोजर एवं एक्सटेंशन से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय ले रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में एक समयबद्ध विशेष अभियान चलाकर लंबित कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नए कार्यों की स्वीकृति देने से पहले पुराने और वर्तमान में चल रहे कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। जिन कार्यों का भौतिक रूप से निर्माण पूरा हो चुका है, उनके दस्तावेजीकरण और वित्तीय औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण कर सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यों के सत्यापन और समापन की प्रक्रिया में जनभागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे सहित सहायक परियोजना अधिकारी, वनमंडलाधिकारी, कृषि, जल संसाधन, रेशम एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, सभी विकासखंडों के कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), जिला स्तरीय तकनीकी एवं समन्वयक दल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








