
लैलूंगा/रायगढ़
क्षेत्र में वायरल हुई सनसनीखेज खबर “लैलूंगा में कानून का कफन…” अब खुद विवादों के कफन में लिपटती नजर आ रही है। जनपद पंचायत लैलूंगा के उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने इस खबर पर सीधा पलटवार करते हुए थाना लैलूंगा में लिखित शिकायत दर्ज कर दी है। उनका साफ संदेश— “झूठ फैलाओगे तो कानून सिखाएगा!”
“साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश”
मनोज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल को प्रकाशित खबर में बिना किसी ठोस प्रमाण के उनका नाम कथित “साठगांठ” से जोड़ दिया गया। उन्होंने इसे उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि यह सीधा-सीधा चरित्र हनन है।
FIR की मांग, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अपनी शिकायत में उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए
दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
फर्जी खबरों पर तुरंत रोक लगे
संबंधित माध्यम से खंडन प्रकाशित कराया जाए
साथ ही चेतावनी भी दी— “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला ऊपर तक जाएगा!”
प्रेस क्लब लैलूंगा की ग्राउंड रिपोर्ट ने पलटी कहानी
इस पूरे विवाद के बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब लैलूंगा प्रेस क्लब के पत्रकारों ने मौके पर जाकर जमीनी पड़ताल की।
रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई—
किसी भी ग्रामीण या स्थानीय व्यक्ति ने मनोज अग्रवाल का नाम नहीं लिया
उल्टा, उन्हें एक सम्मानित और साफ छवि वाला व्यक्ति बताया गया
इलाके में उबाल, उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद लैलूंगा का माहौल गरमा गया है।
लोग पूछ रहे हैं—
बिना जांच के किसी का नाम क्यों उछाला गया?
क्या यह पत्रकारिता है या एजेंडा
अब सबकी नजर पुलिस पर
पूरा मामला अब थाना लैलूंगा के पाले में है।
क्या होगी कार्रवाई?
किस पर गिरेगी गाज?
फिलहाल एक बात तय मानी जा रही है—
“फर्जी खबरों के खिलाफ अब बवाल तय है!”








