
पत्थलगांव/क्षेत्रीय: सत्ता के नशे और राजनीतिक संरक्षण में चूर जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला बीजेपी नेता और विधायक के करीबी माने जाने वाले पहली बार के पार्षद रोशन गुप्ता से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि रोशन गुप्ता एक साहू समाज की युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गए हैं, जिसके बाद से युवती के घर में चिंता और भय का माहौल है।


🚩 लव मैरिज के नाम पर ‘बरगलाने’ का आरोपपरिजनों और स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पार्षद रोशन गुप्ता ने युवती को लव मैरिज के लिए बरगलाया है। यह पहला मौका नहीं है जब रोशन गुप्ता पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी उन पर एक अन्य लड़की के साथ प्यार का नाटक कर शादी करने और फिर उसे बीच रास्ते में छोड़ने का गंभीर आरोप है। एक निर्वाचित जन प्रतिनिधि द्वारा समाज की मर्यादा को ताक पर रखकर इस तरह का कृत्य करना जनता के बीच आक्रोश का विषय बना हुआ है।
⚖️ दर्जनों केस, फिर भी प्रशासन मौनपार्षद और उनके पिता पर पहले से ही थाने में सैकड़ों मामले दर्ज होने की बात सामने आ रही है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:जमीन कब्जा: अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करने की शिकायतें।दहेज उत्पीड़न एवं छेड़छाड़: महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता और प्रताड़ना।गंभीर अपराध: बलात्कार की कोशिश जैसे संगीन मामले।वित्तीय धोखाधड़ी: नौकरी लगाने के नाम पर गरीब जनता से लाखों की वसूली।🛡️ विधायक का ‘संरक्षण’ या मजबूरी?क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि विधायक मैडम का खुला संरक्षण होने के कारण पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराता है। सरकारी तंत्र की इस निष्क्रियता के कारण अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। अब देखना यह है कि इस नई घटना के बाद विधायक मैडम अपने इस “खास” पार्षद पर क्या रुख अपनाती हैं।

🗣️ जनता का सवालगरीब और पीड़ित जनता पूछ रही है कि आखिर कब तक राजनीतिक रसूख के दम पर बहू-बेटियों की इज्जत और लोगों की संपत्ति से खिलवाड़ होता रहेगा? क्या शासन-प्रशासन इस बार निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा?







