
बिलासपुर संभाग
बिलासपुर। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को शांतिनगर, मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल कर खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने डराया-धमकाया। आरोपियों ने महिला पर आतंकी संगठन से संबंध और मनी ट्रांसफर का झूठा आरोप लगाकर करीब 2 घंटे 16 मिनट तक डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा और मानसिक दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच की। पहले 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब नागपुर (महाराष्ट्र) से राहुल प्रकाश कामडी (38) और गौरव रमाकांत मिश्रा (27) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवाद के नाम पर डराकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस या साइबर थाना से संपर्क करें।
यह कार्रवाई आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर के निरीक्षक कामिल हक, प्रभारी प्रसाद सिन्हा एवं टीम द्वारा की गई।










