
जशपुर। जशपुर जिले के दोकड़ा चौकी क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में एक महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड के पीछे प्रेम संबंध और लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं सहित मृतका के पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को चौकी दोकड़ा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में हरावती बाई (58 वर्ष) के घर से तेज दुर्गंध आ रही है और मकान के बाहर ताला लगा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान घर के पास निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान हरावती बाई के रूप में हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चौकी दोकड़ा में अपराध क्रमांक 145/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।मृतका का बेटा ही निकला साजिश में शामिल विवेचना के दौरान पुलिस को मृतका का पुत्र भूषण राम संदिग्ध लगा। वह अपनी मां के अंतिम संस्कार और पंचनामा जैसी महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान भी मौजूद नहीं था तथा लगातार घर से दूर रह रहा था। पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।पूछताछ में भूषण राम ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से उसके पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध थे। वहीं उसकी मां हरावती बाई और श्यामपति बाई के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। यही विवाद आखिरकार हत्या की वजह बन गया।मां-बेटी ने गला दबाकर की हत्या, बेटे ने शव ठिकाने लगाने में दिया साथ पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाली रात श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमति बाई ने मिलकर हरावती बाई का गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन जब भूषण राम को घटना की जानकारी हुई तो दोनों महिलाओं ने उसे किसी को भी इस घटना के बारे में नहीं बताने की हिदायत दी।कुछ दिनों बाद शव से दुर्गंध आने लगी, जिससे राज खुलने का डर सताने लगा। इसके बाद तीनों आरोपियों ने रात के अंधेरे में शव को घर से निकालकर पास में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप ले जाकर गड्ढा खोदा और रेत में दफनाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।फावड़ा समेत अहम साक्ष्य बरामद आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शव दफनाने में इस्तेमाल किया गया फावड़ा तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर जब्त की। एफएसएल जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, गवाहों के बयान और आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर तीनों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपी श्यामपति बाई (42 वर्ष) बुधमति बाई (65 वर्ष) भूषण राम (29 वर्ष)
तीनों निवासी ग्राम बंदरचुआ, चौकी दोकड़ा, जिला जशपुर हैं। आरोपियों को 1 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। 48 घंटे में खुलासा करने वाली टीम की सराहना इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने में चौकी प्रभारी दोकड़ा उपनिरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उपनिरीक्षक दिलबंधन भगत, प्रधान आरक्षक इग्नेशियूस तिर्की, आरक्षक तरसीयूस, सुरेंद्र यादव तथा महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।एसएसपी ने क्या कहा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि दोकड़ा क्षेत्र में महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की विवेचना जारी है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और त्वरित कार्रवाई के दम पर 48 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।








