महासमुंद। छत्तीसगढ़ में अमानक और संदिग्ध पनीर के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद जिले में कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने भलेसर रोड स्थित ‘वैद्या फूड प्रोडक्ट’ खाद्य निर्माण इकाई में औचक छापेमारी की। सोमवार को एडीएम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान परिसर से बड़ी मात्रा में संदिग्ध एनालॉग पनीर और अन्य कच्ची सामग्री जब्त की गई।

फैक्ट्री में चल रहा था एनालॉग पनीर का निर्माण
प्रशासनिक टीम के फैक्ट्री परिसर में पहुंचने पर वहां बड़े पैमाने पर एनालॉग पनीर के निर्माण और पैकिंग की प्रक्रिया चलती मिली। अधिकारियों ने मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने विधिवत सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। साथ ही फैक्ट्री से संबंधित दस्तावेजी रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिया गया है।
सैंपल जांच के लिए भेजे, परिसर सील
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता और मानकों के उल्लंघन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन ने पूरे परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
कई जिलों और ओडिशा तक सप्लाई के इनपुट
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में तैयार उत्पाद की सप्लाई छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा तक किए जाने की जानकारी मिली है। वहीं मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों से माल मंगाकर उसकी री-पैकिंग और सप्लाई किए जाने के इनपुट भी प्रशासन को मिले हैं। इन सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतों के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
स्थानीय स्तर पर पिछले कुछ समय से अमानक और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। महासमुंद और आसपास के इलाकों में एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों और प्रशासन के शुद्धता अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
कार्रवाई को लेकर जांच जारी
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने इस कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए अंतिम समय में संबंधित स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इससे खाद्य विभाग की भूमिका और कार्रवाई से जुड़े आंतरिक समन्वय को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






