जिला स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत के बाद बौखलाहट? पत्रकारों को जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की कथित धमकी, ऑडियो वायरल

जशपुर/कोतबा। ग्राम पंचायत गंझियाडीह में संचालित माहेश्वरी मेडिकल को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार मेडिकल दुकान की आड़ में कथित रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने, ग्रामीणों को इंजेक्शन एवं बाटल (ड्रिप) लगाए जाने तथा दवाइयों को मनमाने दाम पर बेचने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर शिकायत किए जाने के बाद कथित रूप से मेडिकल संचालनकर्ता द्वारा पत्रकारों को धमकी देने का मामला भी सामने आया है।
शिकायत के बाद गरमाया मामला, धमकी का ऑडियो वायरल
बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद माहेश्वरी मेडिकल के संचालनकर्ता ने कथित तौर पर पत्रकारों को जान से मारने तथा झूठे पैसों के लेन-देन के मामले में फंसाने की धमकी दी। इस कथित धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
मेडिकल के पीछे कथित ‘इलाज का खेल’?
पत्रकारों को ग्रामीणों से शिकायत मिली थी कि मेडिकल दुकान के पीछे कथित रूप से उपचार के लिए व्यवस्था बनाई गई है, जहां ग्रामीणों को इंजेक्शन और बाटल लगाए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं द्वारा मौके के फोटो और वीडियो भी बनाए जाने की बात कही गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी मेडिकल दुकान में बिना आवश्यक अनुमति अथवा पंजीकृत चिकित्सकीय व्यवस्था के मरीजों का उपचार किया जा रहा है, तो आखिर संबंधित विभाग की नजर अब तक क्यों नहीं पड़ी?
दवाइयों के मनमाने दाम वसूलने का भी आरोप
ग्रामीणों की ओर से दवाइयां कथित तौर पर मनमाने दाम पर बेचने की शिकायत भी सामने आई है। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल दुकान की जांच कर दवाइयों के बिल, स्टॉक, लाइसेंस तथा उपचार संबंधी गतिविधियों की जांच किए जाने की जरूरत है।
पत्रकारों को धमकी पर भी उठे सवाल
मामले में कथित धमकी का ऑडियो सामने आने के बाद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वायरल ऑडियो में दी गई धमकियां सही पाई जाती हैं, तो पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का इंतजार
गंझियाडीह में सामने आए इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या मेडिकल की आड़ में वास्तव में अवैध क्लीनिक संचालित हो रहा है? क्या ग्रामीणों को बिना अधिकृत चिकित्सकीय व्यवस्था के इंजेक्शन और ड्रिप लगाए जा रहे हैं? दवाइयां किस दर पर बेची जा रही हैं? और पत्रकारों को धमकी देने वाला वायरल ऑडियो आखिर किसका है?
इन तमाम सवालों का जवाब जिला स्वास्थ्य विभाग की जांच और पुलिस की कार्रवाई से ही सामने आएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए मामले में तत्काल जांच की मांग उठ रही है।







