LPU Jalandhar Bawal : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अफवाह से आगजनी तक 24 घंटे का बेनाम आक्रोश, पुलिस के सामने सवाल: बात किससे करें?

spot_img

रात में वायरल हुआ संदेश, सुबह हाईवे जाम, दोपहर में तोड़फोड़ और शाम तक तनाव, न कोई नेता न कोई मंच

एक मोबाइल संदेश से शुरू हुई बेचैनी महज 24 घंटे में ऐसे आक्रोश में बदल गई कि पंजाब की सबसे बड़ी निजी यूनिवर्सिटी में हजारों छात्रों के सामने पुलिस और प्रशासन की रणनीति उलझती नजर आई। LPU Jalandhar Bawal में सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि भीड़ का न कोई नेता था, न बैनर और न ही कोई मंच, ऐसे में पुलिस के सामने सवाल था कि आखिर बातचीत किससे की जाए।

शनिवार रात वायरल हुए अलग-अलग दावे

शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा से जुड़ी कथित घटना को लेकर अलग-अलग दावे तेजी से फैलने लगे। किसी संदेश में दुष्कर्म, किसी में सामूहिक दुष्कर्म और किसी में आत्महत्या की बात कही गई। आधिकारिक पुष्टि के बिना फैलती इन सूचनाओं ने छात्रावासों में बेचैनी पैदा कर दी। रात गहराते ही छात्र बाहर निकलने लगे और करीब दो बजे जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम हो गया।

पुलिस के पहुंचने पर सामने आई असली उलझन

शनिवार रात करीब पौने दो बजे पुलिस को परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि छात्रों के बीच कथित दुष्कर्म को लेकर कई तरह के संदेश घूम रहे हैं। LPU Jalandhar Bawal में दिक्कत यह थी कि सामने कोई एक शिकायतकर्ता नहीं था और न ही कोई छात्र नेता, जो पूरी भीड़ की ओर से बात कर सके।

हाईवे तक पहुंचा आंदोलन, अफवाहों के आगे फीकी पड़ी अपील

रात करीब दो बजे आंदोलन का असर यूनिवर्सिटी की सीमा लांघकर हाईवे तक पहुंच गया। पुलिस ने छात्रों को समझाकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक छात्रों में यह धारणा घर कर चुकी थी कि उन्हें पूरी सच्चाई नहीं बताई जा रही। विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया के दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की, जबकि पुलिस ने कहा कि शुरुआत में ऐसी किसी घटना की शिकायत उसे नहीं मिली थी। इसके बावजूद डिजिटल माध्यमों पर चल रही खबरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि आधिकारिक अपील पीछे छूट गई। रात में मुख्य गेट के पास आगजनी और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।

सुबह दर्ज हुई एफआईआर, एसआईटी गठित, फिर भी नहीं थमा गुस्सा

सुबह पुलिस ने छात्रों के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया। विश्वविद्यालय ने भी छात्रों के प्रतिनिधियों को जांच प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही। इसके बावजूद गुस्सा कम नहीं हुआ और परिसर में तोड़फोड़ व आगजनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलने लगीं। रविवार शाम तक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।

जिस सोशल मीडिया से जन्मी अफवाह, उसी ने फैलाई आंदोलन की तस्वीरें

इस पूरे घटनाक्रम की एक बड़ी विडंबना यह रही कि जिस सोशल मीडिया से अफवाहों ने जन्म लिया, वही अब आंदोलन के वीडियो और तस्वीरें हजारों-लाखों लोगों तक पहुंचा रहा था। हर नया वीडियो भीड़ के बीच नई चर्चा और नई प्रतिक्रिया को जन्म दे रहा था। यह पारंपरिक छात्र आंदोलन नहीं था, इसलिए पुलिस के लिए चुनौती और भी असाधारण बन गई।

पारंपरिक आंदोलन जैसा रास्ता यहां मौजूद ही नहीं था

सामान्य हालात में पुलिस छात्र संगठनों के नेताओं से बातचीत करती है, उनकी मांगें सुनती है और उन्हीं के जरिए भीड़ को शांत कराती है। LPU Jalandhar Bawal में यह रास्ता उपलब्ध नहीं था। भीड़ न किसी एक आदेश पर जुट रही थी और न किसी एक व्यक्ति के कहने पर पीछे हट रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कोई भी छात्र भीड़ के नेता के रूप में सामने नहीं आया।

35 हजार छात्रों वाला परिसर, डीआईजी ने खुद संभाला मोर्चा

एलपीयू में करीब 35 हजार छात्र पढ़ते हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिसर के छात्रावासों में रहते हैं, इसलिए घटनाक्रम तेजी से फैलता चला गया। डीआईजी नवीन सिंगला ने खुद मौके पर मोर्चा संभाला और कई जिलों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व अतिरिक्त बल को बुलाया गया। पुलिस ने सख्ती के साथ छात्रों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन भीड़ हर घटनाक्रम के साथ अपना रुख बदलती रही। एक जगह स्थिति संभलती तो दूसरी जगह से तनाव की खबर आने लगती। रविवार शाम तक माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका।

बिना चेहरे का आक्रोश: अफवाह से भीड़, भीड़ से आगजनी

24 घंटे के इस घटनाक्रम ने ऐसे छात्र आक्रोश की तस्वीर पेश की, जिसका कोई औपचारिक चेहरा नहीं था। यह किसी संगठन की घोषणा से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया संदेशों, आपसी चर्चाओं, आशंकाओं और जवाब की मांग से धीरे-धीरे आकार लेता गया। रात की अफवाह ने भीड़ खड़ी की, भीड़ ने जवाब मांगे, संतुष्टि न मिलने पर गुस्सा बढ़ा और वही गुस्सा तोड़फोड़ व आगजनी तक पहुंच गया। सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि जब भीड़ का कोई नेता ही नहीं है, तो बातचीत किससे की जाए।


 

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

Ranbir Kapoor Birthday : रणबीर कपूर @44: पापा की परछाई से निकलकर कैसे बने बॉलीवुड के रॉकस्टार? जानिए अभिनेता का दिलचस्प सफर

कपूर खानदान से होने के बावजूद करना पड़ा संघर्ष, पिता ऋषि कपूर से रहा उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता कपूर खानदान से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड अभिनेता...

CHHATTISGARH NEWS

Ranbir Kapoor Birthday : रणबीर कपूर @44: पापा की परछाई से निकलकर कैसे बने बॉलीवुड के रॉकस्टार? जानिए अभिनेता का दिलचस्प सफर

कपूर खानदान से होने के बावजूद करना पड़ा संघर्ष, पिता ऋषि कपूर से रहा उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता कपूर खानदान से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड अभिनेता...

RAIGARH NEWS

चक्रधर समारोह में गायक सूरज पटेल का सम्मान, पेलमा ग्राम के लिए गौरव का क्षण

27 सितंबर 2026 रविवार | रायगढ़ रायगढ़। जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पेलमा, विधानसभा लैलूंगा, पोस्ट उरबा निवासी गायक सूरज पटेल को रायगढ़...