बलरामपुर में प्रभारी DEO मनीराम यादव का स्थानांतरण; विभागीय जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं के उल्लेख का दावा, अब आगे की कार्रवाई पर नजर
रायपुर/बलरामपुर। विशेष रिपोर्ट। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में करीब 4.30 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा मामला प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के तबादले के बाद एक बार फिर चर्चा में है। 28 सितंबर 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में तबादले के अलावा आगे कोई विभागीय या कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं।
शासन ने जारी किया तबादला आदेश
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB-102(1)/585/2026/20-3, दिनांक 28 सितंबर 2026 के अनुसार प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं।
आदेश के मुताबिक मनीराम यादव, प्राचार्य एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर-रामानुजगंज को प्रभारी DEO के दायित्व से स्थानांतरित करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसा, विकासखंड अंबिकापुर, जिला सरगुजा में प्राचार्य के पद पर पदस्थ किया गया है।
वहीं नरेन्द्र कुमार निरापुरे, प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल कोराचा, विकासखंड मानपुर, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को स्थानांतरित कर बलरामपुर-रामानुजगंज का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार उप सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 28 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
4.30 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच का मामला
मामले को लेकर उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 4.30 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों के संबंध में विभागीय जांच की गई है और जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं के उल्लेख के बावजूद मनीराम यादव के विरुद्ध निलंबन अथवा अन्य कठोर विभागीय या कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
हालांकि, जांच रिपोर्ट में किन-किन बिंदुओं पर क्या निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं और शासन स्तर पर उस रिपोर्ट पर क्या निर्णय लिया गया है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होना अभी बाकी है।
तबादले के बाद उठ रहे कई सवाल
करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में केवल प्रशासनिक तबादले की कार्रवाई सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, तो शासन स्तर पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए।
अब प्रमुख सवाल यही है कि क्या विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर मनीराम यादव के विरुद्ध आगे कोई अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई होगी? या प्रशासनिक तबादले के साथ ही मामला सीमित रह जाएगा।
फिलहाल शासन द्वारा जारी आदेश में तबादले का आधार “प्रशासनिक” बताया गया है। जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर शासन द्वारा लिए जाने वाले आगामी निर्णय से ही इस मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।






