रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह गौवंश को तस्करी से मुक्त कराया है। मवेशियों को कथित तौर पर बेरहमी से पैदल हांककर ओडिशा की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने ग्राम बांधापारा के रास्ते में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में गौवंश के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गौवंश सुरक्षा नोडल अधिकारी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी ने सीमावर्ती थाना क्षेत्रों और ओडिशा से लगे गांवों में निगरानी बढ़ाने के साथ मुखबिर तंत्र सक्रिय किया है।
इसी दौरान 2 नवंबर 2026 को लैलूंगा पुलिस को गौवंश तस्करी की सूचना मिली। सूचना पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बांधापारा जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी की। इस दौरान एक युवक कुछ मवेशियों को बेरहमी से मारते-पीटते और भूखे-प्यासे पैदल ओडिशा की ओर ले जाते मिला।
वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी
पुलिस ने संदेही युवक को रोककर मवेशियों को ले जाने के संबंध में पूछताछ की। उसकी पहचान मनकितन यादव (19 वर्ष), निवासी ग्राम सिहारधार, थाना लैलूंगा के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान वह मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भी लिखित में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने छह गौवंश, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है, जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध क्रमांक 339/2026 दर्ज किया। विधिवत कार्रवाई के बाद आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया।
मुक्त कराए गए गौवंश के लिए चारा-पानी की व्यवस्था
पुलिस ने तस्करी से मुक्त कराए गए सभी छह गौवंश के लिए उचित चारा-पानी की व्यवस्था कराई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल एवं शुभम मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक परमेश्वर नाथ, प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा सहित पुलिस टीम के अन्य जवान शामिल रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सीमावर्ती रास्तों पर बढ़ाई गई निगरानी के बीच लैलूंगा पुलिस की इस कार्रवाई से गौवंश को अवैध परिवहन से बचाया गया।











