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प्लांटेशन वन विभाग का, जमीन पर दावा रेंजर का ….

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प्लांटेशन वन विभाग का, जमीन पर दावा रेंजर का !

वन भूमि को अपना बताकर रेंजर ने कटवा डाले 50 से ज्यादा पेड़, आला अधिकारी जान कर बने अनजान

रायगढ़। जंगल को अब तक तस्करों और शिकारियों से ही खतरा था लेकिन अब जंगलों की सुरक्षा जिनके हाथ मे है वही जंगल के दुश्मन बन गए हैं। जी हां सुनने में अटपटा सा जरूर लगेगा लेकिन जिला मुख्यालय के रायगढ़ रेंज में यह बात सौ फीसदी सच बैठती है।

यहां की रेंजर ने अपने पद और वर्दी का ऐसा रौब दिखाया कि जंगल की जमीन को अपना बताने तुली हुई है। अपने एक रिश्तेदार के नाम का रेंजर ने जंगल विभाग के कम्पार्टमेंट की 1 एकड़ 18 डिसमिल जमीन पर दावा किया है। जिसके बाद उक्त जमीन पर अपना दावा ठोकते हुए धड़ाधड़ 50 से अधिक इमारती और मिश्रित प्रजाति के वृक्षों की बलि ले ली गई। जिस जंगल से वृक्षों की कटाई की गई वहा कभी विभाग ने ही प्लांटेशन करवाया था। जंगल से प्लांटेशन के वृक्षों को काटने का सबूत वे ठूठ है जो बयाँ कर रही है कि उसे बचाने वालों ने ही उसकी बलि ले ली। रेंजर के इस कारनामे के बाद वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और सदस्य आक्रोश में हैं। जल्द ही रेंजर के इस काले कारनामे की शिकायत करने की तैयारी में हैं।
जानकारी के अनुसार रायगढ़ वनपरिक्षेत्र अन्तर्गत आने वाले कम्पार्टमेंट नम्बर 927pf तिलगा-भगोरा में कुछ वर्ष पूर्व वन विभाग ने सागौन प्लांटेशन करवाया था। इसी प्लांटेशन से लगे 1 एकड़ 18 डिसमिल की वन भूमि पर वर्तमान रायगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी की एक रिश्तेदार के नाम पर होने का दावा किया जा रहा है। जिसके बाद विभाग में वन भूमि को खरीदने को लेकर काना फुंसी चालू हो गई। बताया जा रहा है कि विभाग में कुछ ही महीने पूर्व आई रेंजर के कारनामे की भनक आला अधिकारियों को भी हो गई। लेकिन इसके बाद भी रेंजर ने उक्त कम्पार्टमेंट के जमीन में लगे 50 से अधिक सागौन, काजू और विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों को खुलेआम यह कहकर कटवा दिया गया कि उक्त जमीन उनकी है। प्लांटेशन के पेड़ों को काटने से बवाल भी मचा, जहां क्षेत्र में पदस्थ कर्मियों ने इसे गलत बताया तो वहीं वन प्रबंधन समिति भगोरा के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। बताया जा रहा है कि आला अधिकारियों ने इसके लिए रेंजर को फटकार भी लगाया था लेकिन विभागीय मामला होने के कारण पूरे मामले को दबा दिया गया। छोटे कर्मचारी इसलिए कुछ नहीं बोल सके क्योंकि रेंज अधिकारी का मामला था। तो क्या अब वन अधिकारियों को यह छूट मिल जानी चाहिए कि वे अपने मनमर्जी से जंगल को तबाह और कब्जा ले। या फिर डीएफओ साहस का परिचय देते हुए अपने रेंजर पर किसी तरह की कठोरतम कार्रवाई करती हैं, यह समय बताएगा।

रेंजर की करेंगे शिकायत
वन प्रबंधन समिति भगोरा के पदाधिकारी रेंजर की मनमानी और जंगल को उजाड़ने को लेकर बेहद आक्रोशित हैं। समिति के अभिराम राठिया, भरमवर राठिया, गौरांग बारिग, भूषण गुप्ता व अन्य का कहना है कि वे अपने जंगल को किसी भी कीमत पर उजाड़ होना नहीं देना चाहते। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन रेंजर के रिश्तेदार के नाम पर रजिस्ट्री किये जाने की बात भी वे सुने हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही रेंजर रायगढ़ की शिकायत विधायक, कलेक्टर और डीएफओ से करेंगे। इस सम्बंध में रायगढ़ रेंजर से भी बात करने की कोशिश की गई पर उनसे बात नहीं हो सकी।

क्या कहती हैं डीएफओ

इस सम्बंध में रायगढ़ डीएफओ स्टाइलो मंडावी का कहना है कि कम्पार्टमेंट की जमीन में कब्जा या वन भूमि पर अवैध कटाई हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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