जिले में 01 मार्च से लगेगा समाधान शिविर, जन समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण
शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार कर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर
पेयजल समस्या वाले ग्रामों को चिन्हांकित कर गर्मी में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
रोजगार, आवास, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क एवं सामाजिक योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित
रायगढ़, 19 फरवरी 2026/ जिले में समग्र विकास सुनिश्चित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, कृषि और पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभी जनपदों के जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित समिति के सदस्यगण, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वनमंडलाधिकारी रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें। विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार ने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 01 मार्च से समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना तैयार कर शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा शिविरों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक में ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल समस्या वाले ग्रामों को चिन्हांकित कर वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने, विकासखंड मुख्यालयों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने तथा खराब ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने और मैदानी क्षेत्रों सहित हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत तारों की मरम्मत कर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ अंतर्गत लगभग 1015 किसानों को तिलहनी फसलों के प्रोत्साहन हेतु ऑयल सीड उपलब्ध कराया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अधिकांश का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, कापू और धरमजयगढ़ क्षेत्रों में 126 स्वास्थ्य केंद्र भवनों तथा 75 से अधिक स्कूल भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्व सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, लखपति दीदी तथा सांसद आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की जानकारी दी और बताया कि अधिकांश लक्ष्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
दिशा समिति की बैठक में एजेंडावार योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन, पुष्प क्षेत्र विस्तार, ग्राफ्टेड बैंगन एवं टमाटर सीडलिंग कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। बताया गया कि फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादों के संरक्षण हेतु कोल्ड स्टोरेज निर्माण या आधुनिकीकरण पर शासन द्वारा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। विद्युत विभाग द्वारा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट तक सौर पैनल स्थापना पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक सब्सिडी उपलब्ध होने तथा शेष राशि आसान किस्तों में बैंक ऋण सुविधा से भुगतान की व्यवस्था की जानकारी दी गई। बैठक में कृषि विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, गर्भवती एवं शिशु पंजीयन, टीकाकरण, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, आयुष्मान योजना तथा सिकल सेल जांच की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।








